21 दिसंबर 2024 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 21 दिसंबर 2024, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 21 दिसंबर 2024 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (12:21 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (06:14, 22 दिस॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 09:25 से 10:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 18:01
रात 06:33 तक
तिथि
षष्ठी, 12:21 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 06:14 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:33 – 07:59टालें
शुभ07:59 – 09:25शुभ
रोग09:25 – 10:51टालें
उद्वेग10:51 – 12:17टालें
चर12:17 – 13:43सामान्य
लाभ13:43 – 15:09शुभ
अमृत15:09 – 16:35शुभ
काल16:35 – 18:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:01 – 19:35शुभ
उद्वेग19:35 – 21:09टालें
शुभ21:09 – 22:43शुभ
अमृत22:43 – 00:17शुभ
चर00:17 – 01:51सामान्य
रोग01:51 – 03:25टालें
काल03:25 – 04:59टालें
लाभ04:59 – 06:33शुभ

21 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 12:21 तक
कृष्ण सप्तमी 14:32, 22 दिस॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 06:14, 22 दिस॰ तक
उत्तरा फाल्गुनी 09:09, 23 दिस॰ तक
योग
प्रीति 18:22 तक
आयुष्मान 18:59, 22 दिस॰ तक
करण
वणिज 12:21 तक
विष्टि (भद्रा) 01:23, 22 दिस॰ तक
बव 14:32, 22 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
23:27
चंद्रास्त
11:18
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
09:25 – 10:51
यमगंड
13:43 – 15:09
गुलिक काल
06:33 – 07:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3307:30दिन
गुरु07:3008:28दिन
मंगल08:2809:25दिन
सूर्य09:2510:22दिन
शुक्र10:2211:19दिन
बुध11:1912:17दिन
चंद्र12:1713:14दिन
शनि13:1414:11दिन
गुरु14:1115:09दिन
मंगल15:0916:06दिन
सूर्य16:0617:03दिन
शुक्र17:0318:01दिन
बुध18:0119:03रात
चंद्र19:0320:06रात
शनि20:0621:09रात
गुरु21:0922:12रात
मंगल22:1223:14रात
सूर्य23:1400:17रात
शुक्र00:1701:20रात
बुध01:2002:22रात
चंद्र02:2203:25रात
शनि03:2504:28रात
गुरु04:2805:31रात
मंगल05:3106:33रात

अयनांश 24.2059° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।