13 जनवरी 2025 को ईरोड का चौघड़िया

सोमवार, 13 जनवरी 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 13 जनवरी 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (03:56, 14 जन॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (10:38 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 08:08 से 09:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:13
रात 06:42 तक
तिथि
पूर्णिमा, 03:56 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आर्द्रा, 10:38 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:42 – 08:08शुभ
काल08:08 – 09:34टालें
शुभ09:34 – 11:01शुभ
रोग11:01 – 12:27टालें
उद्वेग12:27 – 13:54टालें
चर13:54 – 15:20सामान्य
लाभ15:20 – 16:47शुभ
अमृत16:47 – 18:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:13 – 19:47सामान्य
रोग19:47 – 21:20टालें
काल21:20 – 22:54टालें
लाभ22:54 – 00:27शुभ
उद्वेग00:27 – 02:01टालें
शुभ02:01 – 03:35शुभ
अमृत03:35 – 05:08शुभ
चर05:08 – 06:42सामान्य

13 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
पूर्णिमा 03:56, 14 जन॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 03:21, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 10:17, 14 जन॰ तक
योग
इंद्र 06:44 तक
वैधृतिअशुभ 04:38, 14 जन॰ तक
विष्कंभअशुभ 02:58, 15 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:26 तक
बव 03:56, 14 जन॰ तक
बालव 15:35, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 04:19, 14 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
17:45
चंद्रास्त
06:04
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
08:08 – 09:34
यमगंड
11:01 – 12:27
गुलिक काल
13:54 – 15:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4207:39दिन
शनि07:3908:37दिन
गुरु08:3709:34दिन
मंगल09:3410:32दिन
सूर्य10:3211:30दिन
शुक्र11:3012:27दिन
बुध12:2713:25दिन
चंद्र13:2514:23दिन
शनि14:2315:20दिन
गुरु15:2016:18दिन
मंगल16:1817:15दिन
सूर्य17:1518:13दिन
शुक्र18:1319:15रात
बुध19:1520:18रात
चंद्र20:1821:20रात
शनि21:2022:23रात
गुरु22:2323:25रात
मंगल23:2500:27रात
सूर्य00:2701:30रात
शुक्र01:3002:32रात
बुध02:3203:35रात
चंद्र03:3504:37रात
शनि04:3705:39रात
गुरु05:3906:42रात

अयनांश 24.2068° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।