8 मार्च 2025 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 8 मार्च 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 मार्च 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (08:17 तक), नक्षत्र आर्द्रा (23:28 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 09:30 से 11:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:29
रात 06:29 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 23:28 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:30 – 08:00टालें
शुभ08:00 – 09:30शुभ
रोग09:30 – 11:00टालें
उद्वेग11:00 – 12:29टालें
चर12:29 – 13:59सामान्य
लाभ13:59 – 15:29शुभ
अमृत15:29 – 16:59शुभ
काल16:59 – 18:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:29 – 19:59शुभ
उद्वेग19:59 – 21:29टालें
शुभ21:29 – 22:59शुभ
अमृत22:59 – 00:29शुभ
चर00:29 – 01:59सामान्य
रोग01:59 – 03:29टालें
काल03:29 – 04:59टालें
लाभ04:59 – 06:29शुभ

8 मार्च 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल नवमी 08:17 तक
शुक्ल दशमी 07:45, 9 मार्च तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 23:55, 9 मार्च तक
योग
आयुष्मान 16:24 तक
सौभाग्य 14:58, 9 मार्च तक
करण
कौलव 08:17 तक
तैतिल 19:57 तक
गर 07:45, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
13:29
चंद्रास्त
01:50
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
09:30 – 11:00
यमगंड
13:59 – 15:29
गुलिक काल
06:30 – 08:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3007:30दिन
गुरु07:3008:30दिन
मंगल08:3009:30दिन
सूर्य09:3010:30दिन
शुक्र10:3011:29दिन
बुध11:2912:29दिन
चंद्र12:2913:29दिन
शनि13:2914:29दिन
गुरु14:2915:29दिन
मंगल15:2916:29दिन
सूर्य16:2917:29दिन
शुक्र17:2918:29दिन
बुध18:2919:29रात
चंद्र19:2920:29रात
शनि20:2921:29रात
गुरु21:2922:29रात
मंगल22:2923:29रात
सूर्य23:2900:29रात
शुक्र00:2901:29रात
बुध01:2902:29रात
चंद्र02:2903:29रात
शनि03:2904:29रात
गुरु04:2905:29रात
मंगल05:2906:29रात

अयनांश 24.2088° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।