2 मई 2025 को ईरोड का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 मई 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 मई 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (09:15 तक), नक्षत्र आर्द्रा (13:04 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 10:42 से 12:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:32
रात 05:59 तक
तिथि
पंचमी, 09:15 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आर्द्रा, 13:04 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:59 – 07:33सामान्य
लाभ07:33 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:42शुभ
काल10:42 – 12:16टालें
शुभ12:16 – 13:50शुभ
रोग13:50 – 15:24टालें
उद्वेग15:24 – 16:58टालें
चर16:58 – 18:32सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:32 – 19:58टालें
काल19:58 – 21:24टालें
लाभ21:24 – 22:50शुभ
उद्वेग22:50 – 00:15टालें
शुभ00:15 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 03:07शुभ
चर03:07 – 04:33सामान्य
रोग04:33 – 05:59टालें

2 मई 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 09:15 तक
शुक्ल षष्ठी 07:52, 3 मई तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 12:34, 3 मई तक
योग
धृति 03:19, 3 मई तक
शूलअशुभ 01:40, 4 मई तक
करण
बालव 09:15 तक
कौलव 20:27 तक
तैतिल 07:52, 3 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
10:10
चंद्रास्त
23:28
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
10:42 – 12:16
यमगंड
15:24 – 16:58
गुलिक काल
07:33 – 09:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5907:02दिन
बुध07:0208:05दिन
चंद्र08:0509:08दिन
शनि09:0810:10दिन
गुरु10:1011:13दिन
मंगल11:1312:16दिन
सूर्य12:1613:18दिन
शुक्र13:1814:21दिन
बुध14:2115:24दिन
चंद्र15:2416:26दिन
शनि16:2617:29दिन
गुरु17:2918:32दिन
मंगल18:3219:29रात
सूर्य19:2920:26रात
शुक्र20:2621:24रात
बुध21:2422:21रात
चंद्र22:2123:18रात
शनि23:1800:15रात
गुरु00:1501:13रात
मंगल01:1302:10रात
सूर्य02:1003:07रात
शुक्र03:0704:05रात
बुध04:0505:02रात
चंद्र05:0205:59रात

अयनांश 24.2109° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।