30 जनवरी 2026 को ईरोड का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 जनवरी 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (11:09 तक), नक्षत्र आर्द्रा (03:27, 31 जन॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 11:05 से 12:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 18:21
रात 06:43 तक
तिथि
द्वादशी, 11:09 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 03:27 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:43 – 08:10सामान्य
लाभ08:10 – 09:37शुभ
अमृत09:37 – 11:05शुभ
काल11:05 – 12:32टालें
शुभ12:32 – 13:59शुभ
रोग13:59 – 15:26टालें
उद्वेग15:26 – 16:54टालें
चर16:54 – 18:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:21 – 19:54टालें
काल19:54 – 21:26टालें
लाभ21:26 – 22:59शुभ
उद्वेग22:59 – 00:32टालें
शुभ00:32 – 02:05शुभ
अमृत02:05 – 03:37शुभ
चर03:37 – 05:10सामान्य
रोग05:10 – 06:43टालें

30 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 11:09 तक
शुक्ल त्रयोदशी 08:26, 31 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 03:27, 31 जन॰ तक
पुनर्वसु 01:34, 1 फ़र॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 16:58 तक
विष्कंभअशुभ 13:33, 31 जन॰ तक
करण
बालव 11:09 तक
कौलव 21:47 तक
तैतिल 08:26, 31 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
15:49
चंद्रास्त
04:06
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
11:05 – 12:32
यमगंड
15:26 – 16:54
गुलिक काल
08:10 – 09:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4307:41दिन
बुध07:4108:39दिन
चंद्र08:3909:37दिन
शनि09:3710:36दिन
गुरु10:3611:34दिन
मंगल11:3412:32दिन
सूर्य12:3213:30दिन
शुक्र13:3014:28दिन
बुध14:2815:26दिन
चंद्र15:2616:25दिन
शनि16:2517:23दिन
गुरु17:2318:21दिन
मंगल18:2119:23रात
सूर्य19:2320:25रात
शुक्र20:2521:26रात
बुध21:2622:28रात
चंद्र22:2823:30रात
शनि23:3000:32रात
गुरु00:3201:34रात
मंगल01:3402:35रात
सूर्य02:3503:37रात
शुक्र03:3704:39रात
बुध04:3905:41रात
चंद्र05:4106:43रात

अयनांश 24.2214° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।