12 मार्च 2026 को ईरोड का चौघड़िया

गुरुवार, 12 मार्च 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 मार्च 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (06:29, 13 मार्च तक), नक्षत्र मूल (00:43, 13 मार्च तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 13:59 से 15:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:29
रात 06:27 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
मूल, 00:43 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:28 – 07:58शुभ
रोग07:58 – 09:28टालें
उद्वेग09:28 – 10:58टालें
चर10:58 – 12:28सामान्य
लाभ12:28 – 13:59शुभ
अमृत13:59 – 15:29शुभ
काल15:29 – 16:59टालें
शुभ16:59 – 18:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:29 – 19:59शुभ
चर19:59 – 21:29सामान्य
रोग21:29 – 22:58टालें
काल22:58 – 00:28टालें
लाभ00:28 – 01:58शुभ
उद्वेग01:58 – 03:28टालें
शुभ03:28 – 04:57शुभ
अमृत04:57 – 06:27शुभ

12 मार्च 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 06:29, 13 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 00:43, 13 मार्च तक
पूर्वाषाढ़ा 03:03, 14 मार्च तक
योग
सिद्धि 09:58 तक
व्यतीपातअशुभ 10:31, 13 मार्च तक
करण
तैतिल 17:27 तक
गर 06:29, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
01:07
चंद्रास्त
12:40
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
13:59 – 15:29
यमगंड
06:28 – 07:58
गुलिक काल
09:28 – 10:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2807:28दिन
मंगल07:2808:28दिन
सूर्य08:2809:28दिन
शुक्र09:2810:28दिन
बुध10:2811:28दिन
चंद्र11:2812:28दिन
शनि12:2813:29दिन
गुरु13:2914:29दिन
मंगल14:2915:29दिन
सूर्य15:2916:29दिन
शुक्र16:2917:29दिन
बुध17:2918:29दिन
चंद्र18:2919:29रात
शनि19:2920:29रात
गुरु20:2921:29रात
मंगल21:2922:28रात
सूर्य22:2823:28रात
शुक्र23:2800:28रात
बुध00:2801:28रात
चंद्र01:2802:28रात
शनि02:2803:28रात
गुरु03:2804:27रात
मंगल04:2705:27रात
सूर्य05:2706:27रात

अयनांश 24.2229° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।