19 सितंबर 2026 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 19 सितंबर 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 19 सितंबर 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (15:27 तक), नक्षत्र मूल (01:43, 20 सित॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 09:10 से 10:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:17
रात 06:08 तक
तिथि
अष्टमी, 15:27 तक
नवमी
नक्षत्र
मूल, 01:43 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:08 – 07:39टालें
शुभ07:39 – 09:10शुभ
रोग09:10 – 10:41टालें
उद्वेग10:41 – 12:12टालें
चर12:12 – 13:43सामान्य
लाभ13:43 – 15:15शुभ
अमृत15:15 – 16:46शुभ
काल16:46 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:17 – 19:46शुभ
उद्वेग19:46 – 21:15टालें
शुभ21:15 – 22:43शुभ
अमृत22:43 – 00:12शुभ
चर00:12 – 01:41सामान्य
रोग01:41 – 03:10टालें
काल03:10 – 04:39टालें
लाभ04:39 – 06:08शुभ

19 सितंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 15:27 तक
शुक्ल नवमी 17:51, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 01:43, 20 सित॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 04:34, 21 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 14:29 तक
सौभाग्य 15:22, 20 सित॰ तक
करण
बव 15:27 तक
बालव 04:40, 20 सित॰ तक
कौलव 17:51, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
12:56
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
09:10 – 10:41
यमगंड
13:43 – 15:15
गुलिक काल
06:08 – 07:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0807:09दिन
गुरु07:0908:09दिन
मंगल08:0909:10दिन
सूर्य09:1010:11दिन
शुक्र10:1111:12दिन
बुध11:1212:12दिन
चंद्र12:1213:13दिन
शनि13:1314:14दिन
गुरु14:1415:15दिन
मंगल15:1516:15दिन
सूर्य16:1517:16दिन
शुक्र17:1618:17दिन
बुध18:1719:16रात
चंद्र19:1620:15रात
शनि20:1521:15रात
गुरु21:1522:14रात
मंगल22:1423:13रात
सूर्य23:1300:12रात
शुक्र00:1201:12रात
बुध01:1202:11रात
चंद्र02:1103:10रात
शनि03:1004:09रात
गुरु04:0905:09रात
मंगल05:0906:08रात

अयनांश 24.2302° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।