26 सितंबर 2026 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 26 सितंबर 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 26 सितंबर 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (22:19 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (11:32 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 09:09 से 10:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:12
रात 06:08 तक
तिथि
पूर्णिमा, 22:19 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 11:32 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:08 – 07:38टालें
शुभ07:38 – 09:09शुभ
रोग09:09 – 10:39टालें
उद्वेग10:39 – 12:10टालें
चर12:10 – 13:40सामान्य
लाभ13:40 – 15:11शुभ
अमृत15:11 – 16:42शुभ
काल16:42 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:12 – 19:42शुभ
उद्वेग19:42 – 21:11टालें
शुभ21:11 – 22:40शुभ
अमृत22:40 – 00:10शुभ
चर00:10 – 01:39सामान्य
रोग01:39 – 03:09टालें
काल03:09 – 04:38टालें
लाभ04:38 – 06:08शुभ

26 सितंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 22:19 तक
कृष्ण प्रतिपदा 20:59, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 11:08, 27 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 13:17 तक
वृद्धि 11:17, 27 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:47 तक
बव 22:19 तक
बालव 09:42, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
17:55
चंद्रास्त
05:34
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
09:09 – 10:39
यमगंड
13:40 – 15:11
गुलिक काल
06:08 – 07:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0807:08दिन
गुरु07:0808:08दिन
मंगल08:0809:09दिन
सूर्य09:0910:09दिन
शुक्र10:0911:10दिन
बुध11:1012:10दिन
चंद्र12:1013:10दिन
शनि13:1014:11दिन
गुरु14:1115:11दिन
मंगल15:1116:11दिन
सूर्य16:1117:12दिन
शुक्र17:1218:12दिन
बुध18:1219:12रात
चंद्र19:1220:11रात
शनि20:1121:11रात
गुरु21:1122:11रात
मंगल22:1123:10रात
सूर्य23:1000:10रात
शुक्र00:1001:10रात
बुध01:1002:09रात
चंद्र02:0903:09रात
शनि03:0904:08रात
गुरु04:0805:08रात
मंगल05:0806:08रात

अयनांश 24.2305° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।