29 दिसंबर 2026 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 29 दिसंबर 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 29 दिसंबर 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (13:25 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (15:43 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 15:13 से 16:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 18:05
रात 06:37 तक
तिथि
षष्ठी, 13:25 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 15:43 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:36 – 08:02टालें
उद्वेग08:02 – 09:28टालें
चर09:28 – 10:54सामान्य
लाभ10:54 – 12:21शुभ
अमृत12:21 – 13:47शुभ
काल13:47 – 15:13टालें
शुभ15:13 – 16:39शुभ
रोग16:39 – 18:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:05 – 19:39टालें
लाभ19:39 – 21:13शुभ
उद्वेग21:13 – 22:47टालें
शुभ22:47 – 00:21शुभ
अमृत00:21 – 01:55शुभ
चर01:55 – 03:29सामान्य
रोग03:29 – 05:03टालें
काल05:03 – 06:37टालें

29 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 13:25 तक
कृष्ण सप्तमी 12:36, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 15:37, 30 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 15:30 तक
सौभाग्य 13:41, 30 दिस॰ तक
करण
वणिज 13:25 तक
विष्टि (भद्रा) 00:55, 30 दिस॰ तक
बव 12:36, 30 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 21:37 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
23:25
चंद्रास्त
11:02
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
15:13 – 16:39
यमगंड
09:28 – 10:54
गुलिक काल
12:21 – 13:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3607:34दिन
सूर्य07:3408:31दिन
शुक्र08:3109:28दिन
बुध09:2810:26दिन
चंद्र10:2611:23दिन
शनि11:2312:21दिन
गुरु12:2113:18दिन
मंगल13:1814:15दिन
सूर्य14:1515:13दिन
शुक्र15:1316:10दिन
बुध16:1017:07दिन
चंद्र17:0718:05दिन
शनि18:0519:07रात
गुरु19:0720:10रात
मंगल20:1021:13रात
सूर्य21:1322:15रात
शुक्र22:1523:18रात
बुध23:1800:21रात
चंद्र00:2101:23रात
शनि01:2302:26रात
गुरु02:2603:29रात
मंगल03:2904:31रात
सूर्य04:3105:34रात
शुक्र05:3406:37रात

अयनांश 24.2341° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।