29 मार्च 2027 को ईरोड का चौघड़िया

सोमवार, 29 मार्च 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 मार्च 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (17:11 तक), नक्षत्र मूल (03:18, 30 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 07:49 से 09:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:30
रात 06:17 तक
तिथि
सप्तमी, 17:11 तक
अष्टमी
नक्षत्र
मूल, 03:18 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:18 – 07:49शुभ
काल07:49 – 09:21टालें
शुभ09:21 – 10:52शुभ
रोग10:52 – 12:24टालें
उद्वेग12:24 – 13:55टालें
चर13:55 – 15:27सामान्य
लाभ15:27 – 16:58शुभ
अमृत16:58 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:30 – 19:58सामान्य
रोग19:58 – 21:26टालें
काल21:26 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:23शुभ
उद्वेग00:23 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:20शुभ
अमृत03:20 – 04:49शुभ
चर04:49 – 06:17सामान्य

29 मार्च 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 17:11 तक
कृष्ण अष्टमी 19:40, 30 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 03:18, 30 मार्च तक
पूर्वाषाढ़ा 06:21, 31 मार्च तक
योग
वरीयान 06:54, 30 मार्च तक
करण
बव 17:11 तक
बालव 06:23, 30 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:27
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
07:49 – 09:21
यमगंड
10:52 – 12:24
गुलिक काल
13:55 – 15:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1807:19दिन
शनि07:1908:20दिन
गुरु08:2009:21दिन
मंगल09:2110:22दिन
सूर्य10:2211:23दिन
शुक्र11:2312:24दिन
बुध12:2413:25दिन
चंद्र13:2514:26दिन
शनि14:2615:27दिन
गुरु15:2716:28दिन
मंगल16:2817:29दिन
सूर्य17:2918:30दिन
शुक्र18:3019:28रात
बुध19:2820:27रात
चंद्र20:2721:26रात
शनि21:2622:25रात
गुरु22:2523:24रात
मंगल23:2400:23रात
सूर्य00:2301:22रात
शुक्र01:2202:21रात
बुध02:2103:20रात
चंद्र03:2004:19रात
शनि04:1905:18रात
गुरु05:1806:17रात

अयनांश 24.2376° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।