9 सितंबर 2027 को ईरोड का चौघड़िया

गुरुवार, 9 सितंबर 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 9 सितंबर 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (14:39 तक), नक्षत्र मूल (20:52 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 13:48 से 15:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:24
रात 06:08 तक
तिथि
नवमी, 14:39 तक
दशमी
नक्षत्र
मूल, 20:52 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:08 – 07:40शुभ
रोग07:40 – 09:12टालें
उद्वेग09:12 – 10:44टालें
चर10:44 – 12:16सामान्य
लाभ12:16 – 13:48शुभ
अमृत13:48 – 15:20शुभ
काल15:20 – 16:52टालें
शुभ16:52 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:24 – 19:52शुभ
चर19:52 – 21:20सामान्य
रोग21:20 – 22:48टालें
काल22:48 – 00:16टालें
लाभ00:16 – 01:44शुभ
उद्वेग01:44 – 03:12टालें
शुभ03:12 – 04:40शुभ
अमृत04:40 – 06:08शुभ

9 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 14:39 तक
शुक्ल दशमी 17:00, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 20:52 तक
पूर्वाषाढ़ा 23:50, 10 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 04:39, 10 सित॰ तक
सौभाग्य 05:38, 11 सित॰ तक
करण
कौलव 14:39 तक
तैतिल 03:47, 10 सित॰ तक
गर 17:00, 10 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
13:47
चंद्रास्त
00:33
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
13:48 – 15:20
यमगंड
06:08 – 07:40
गुलिक काल
09:12 – 10:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0807:10दिन
मंगल07:1008:11दिन
सूर्य08:1109:12दिन
शुक्र09:1210:13दिन
बुध10:1311:15दिन
चंद्र11:1512:16दिन
शनि12:1613:17दिन
गुरु13:1714:19दिन
मंगल14:1915:20दिन
सूर्य15:2016:21दिन
शुक्र16:2117:22दिन
बुध17:2218:24दिन
चंद्र18:2419:22रात
शनि19:2220:21रात
गुरु20:2121:20रात
मंगल21:2022:19रात
सूर्य22:1923:17रात
शुक्र23:1700:16रात
बुध00:1601:15रात
चंद्र01:1502:13रात
शनि02:1303:12रात
गुरु03:1204:11रात
मंगल04:1105:10रात
सूर्य05:1006:08रात

अयनांश 24.2438° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।