28 दिसंबर 2027 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 28 दिसंबर 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 28 दिसंबर 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (03:28, 29 दिस॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (07:25, 29 दिस॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 15:12 से 16:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 18:04
रात 06:36 तक
तिथि
प्रतिपदा, 03:28 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:36 – 08:02टालें
उद्वेग08:02 – 09:28टालें
चर09:28 – 10:54सामान्य
लाभ10:54 – 12:20शुभ
अमृत12:20 – 13:46शुभ
काल13:46 – 15:12टालें
शुभ15:12 – 16:38शुभ
रोग16:38 – 18:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:04 – 19:38टालें
लाभ19:38 – 21:12शुभ
उद्वेग21:12 – 22:46टालें
शुभ22:46 – 00:20शुभ
अमृत00:20 – 01:54शुभ
चर01:54 – 03:28सामान्य
रोग03:28 – 05:02टालें
काल05:02 – 06:36टालें

28 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 03:28, 29 दिस॰ तक
शुक्ल द्वितीया 05:40, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 07:25, 29 दिस॰ तक
योग
वृद्धि 08:01 तक
ध्रुव 08:18, 29 दिस॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 14:32 तक
बव 03:28, 29 दिस॰ तक
बालव 16:31, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
06:53
चंद्रास्त
18:34
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
15:12 – 16:38
यमगंड
09:28 – 10:54
गुलिक काल
12:20 – 13:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3607:33दिन
सूर्य07:3308:31दिन
शुक्र08:3109:28दिन
बुध09:2810:25दिन
चंद्र10:2511:23दिन
शनि11:2312:20दिन
गुरु12:2013:17दिन
मंगल13:1714:15दिन
सूर्य14:1515:12दिन
शुक्र15:1216:09दिन
बुध16:0917:07दिन
चंद्र17:0718:04दिन
शनि18:0419:07रात
गुरु19:0720:09रात
मंगल20:0921:12रात
सूर्य21:1222:15रात
शुक्र22:1523:17रात
बुध23:1700:20रात
चंद्र00:2001:23रात
शनि01:2302:26रात
गुरु02:2603:28रात
मंगल03:2804:31रात
सूर्य04:3105:34रात
शुक्र05:3406:36रात

अयनांश 24.2480° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।