28 मार्च 2029 को ईरोड का चौघड़िया

बुधवार, 28 मार्च 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 28 मार्च 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (15:35 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (02:33, 29 मार्च तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 12:24 से 13:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:30
रात 06:17 तक
तिथि
त्रयोदशी, 15:35 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 02:33 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:18 – 07:49शुभ
अमृत07:49 – 09:21शुभ
काल09:21 – 10:52टालें
शुभ10:52 – 12:24शुभ
रोग12:24 – 13:55टालें
उद्वेग13:55 – 15:27टालें
चर15:27 – 16:58सामान्य
लाभ16:58 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:30 – 19:58टालें
शुभ19:58 – 21:26शुभ
अमृत21:26 – 22:55शुभ
चर22:55 – 00:23सामान्य
रोग00:23 – 01:52टालें
काल01:52 – 03:20टालें
लाभ03:20 – 04:49शुभ
उद्वेग04:49 – 06:17टालें

28 मार्च 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 15:35 तक
शुक्ल चतुर्दशी 11:52, 29 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 02:33, 29 मार्च तक
उत्तरा फाल्गुनी 23:29, 29 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 10:21 तक
गंडअशुभ 06:13, 29 मार्च तक
वृद्धि 01:51, 30 मार्च तक
करण
तैतिल 15:35 तक
गर 01:46, 29 मार्च तक
वणिज 11:52, 29 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
16:50
चंद्रास्त
04:28
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:24 – 13:55
यमगंड
07:49 – 09:21
गुलिक काल
10:52 – 12:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1807:19दिन
चंद्र07:1908:20दिन
शनि08:2009:21दिन
गुरु09:2110:22दिन
मंगल10:2211:23दिन
सूर्य11:2312:24दिन
शुक्र12:2413:25दिन
बुध13:2514:26दिन
चंद्र14:2615:27दिन
शनि15:2716:28दिन
गुरु16:2817:29दिन
मंगल17:2918:30दिन
सूर्य18:3019:29रात
शुक्र19:2920:27रात
बुध20:2721:26रात
चंद्र21:2622:25रात
शनि22:2523:24रात
गुरु23:2400:23रात
मंगल00:2301:22रात
सूर्य01:2202:21रात
शुक्र02:2103:20रात
बुध03:2004:19रात
चंद्र04:1905:18रात
शनि05:1806:17रात

अयनांश 24.2655° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।