26 अक्टूबर 2027 को गुरुग्राम का चौघड़िया

मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027, गुरुग्राम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027 को गुरुग्राम में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (01:04, 27 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (14:34 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 14:53 से 16:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 17:42
रात 06:29 तक
तिथि
द्वादशी, 01:04 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 14:34 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:29 – 07:53टालें
उद्वेग07:53 – 09:17टालें
चर09:17 – 10:41सामान्य
लाभ10:41 – 12:05शुभ
अमृत12:05 – 13:29शुभ
काल13:29 – 14:53टालें
शुभ14:53 – 16:18शुभ
रोग16:18 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:42 – 19:18टालें
लाभ19:18 – 20:54शुभ
उद्वेग20:54 – 22:30टालें
शुभ22:30 – 00:06शुभ
अमृत00:06 – 01:41शुभ
चर01:41 – 03:17सामान्य
रोग03:17 – 04:53टालें
काल04:53 – 06:29टालें

26 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 01:04, 27 अक्टू॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 22:50, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 13:01, 27 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 11:44 तक
इंद्र 08:42, 27 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 14:13 तक
तैतिल 01:04, 27 अक्टू॰ तक
गर 11:56, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 20:10 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
02:55
चंद्रास्त
15:26
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
14:53 – 16:18
यमगंड
09:17 – 10:41
गुलिक काल
12:05 – 13:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2907:25दिन
सूर्य07:2508:21दिन
शुक्र08:2109:17दिन
बुध09:1710:13दिन
चंद्र10:1311:09दिन
शनि11:0912:05दिन
गुरु12:0513:01दिन
मंगल13:0113:57दिन
सूर्य13:5714:53दिन
शुक्र14:5315:50दिन
बुध15:5016:46दिन
चंद्र16:4617:42दिन
शनि17:4218:46रात
गुरु18:4619:50रात
मंगल19:5020:54रात
सूर्य20:5421:58रात
शुक्र21:5823:02रात
बुध23:0200:06रात
चंद्र00:0601:10रात
शनि01:1002:13रात
गुरु02:1303:17रात
मंगल03:1704:21रात
सूर्य04:2105:25रात
शुक्र05:2506:29रात

अयनांश 24.2456° (लाहिड़ी)। समय गुरुग्राम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।