27 दिसंबर 2025 को हावड़ा का चौघड़िया

शनिवार, 27 दिसंबर 2025, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (13:10 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (09:09 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 08:56 से 10:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 17:00
रात 06:15 तक
तिथि
सप्तमी, 13:10 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:15 – 07:35टालें
शुभ07:35 – 08:56शुभ
रोग08:56 – 10:17टालें
उद्वेग10:17 – 11:38टालें
चर11:38 – 12:58सामान्य
लाभ12:58 – 14:19शुभ
अमृत14:19 – 15:40शुभ
काल15:40 – 17:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:00 – 18:40शुभ
उद्वेग18:40 – 20:19टालें
शुभ20:19 – 21:58शुभ
अमृत21:58 – 23:38शुभ
चर23:38 – 01:17सामान्य
रोग01:17 – 02:56टालें
काल02:56 – 04:36टालें
लाभ04:36 – 06:15शुभ

27 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 13:10 तक
शुक्ल अष्टमी 12:00, 28 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 08:43, 28 दिस॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 12:21 तक
वरीयान 10:13, 28 दिस॰ तक
करण
वणिज 13:10 तक
विष्टि (भद्रा) 00:39, 28 दिस॰ तक
बव 12:00, 28 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
11:04
चंद्रास्त
23:34
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:16 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
08:56 – 10:17
यमगंड
12:58 – 14:19
गुलिक काल
06:15 – 07:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1507:09दिन
गुरु07:0908:02दिन
मंगल08:0208:56दिन
सूर्य08:5609:50दिन
शुक्र09:5010:44दिन
बुध10:4411:38दिन
चंद्र11:3812:31दिन
शनि12:3113:25दिन
गुरु13:2514:19दिन
मंगल14:1915:13दिन
सूर्य15:1316:06दिन
शुक्र16:0617:00दिन
बुध17:0018:07रात
चंद्र18:0719:13रात
शनि19:1320:19रात
गुरु20:1921:25रात
मंगल21:2522:31रात
सूर्य22:3123:38रात
शुक्र23:3800:44रात
बुध00:4401:50रात
चंद्र01:5002:56रात
शनि02:5604:03रात
गुरु04:0305:09रात
मंगल05:0906:15रात

अयनांश 24.2201° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।