3 जनवरी 2026 को हावड़ा का चौघड़िया

शनिवार, 3 जनवरी 2026, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 3 जनवरी 2026 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (15:32 तक), नक्षत्र आर्द्रा (17:28 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 17:05 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 17:05
रात 06:17 तक
तिथि
पूर्णिमा, 15:32 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आर्द्रा, 17:28 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:17 – 07:38टालें
शुभ07:38 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:20टालें
उद्वेग10:20 – 11:41टालें
चर11:41 – 13:02सामान्य
लाभ13:02 – 14:23शुभ
अमृत14:23 – 15:44शुभ
काल15:44 – 17:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:05 – 18:44शुभ
उद्वेग18:44 – 20:23टालें
शुभ20:23 – 22:02शुभ
अमृत22:02 – 23:41शुभ
चर23:41 – 01:20सामान्य
रोग01:20 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:38टालें
लाभ04:38 – 06:17शुभ

3 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 15:32 तक
कृष्ण प्रतिपदा 12:30, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 15:11, 4 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 09:05 तक
इंद्र 05:15, 4 जन॰ तक
वैधृतिअशुभ 01:47, 5 जन॰ तक
करण
बव 15:32 तक
बालव 01:58, 4 जन॰ तक
कौलव 12:30, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
17:05
चंद्रोदय
16:58
चंद्रास्त
06:08
दिनमान
10h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:02

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:20
यमगंड
13:02 – 14:23
गुलिक काल
06:17 – 07:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1707:11दिन
गुरु07:1108:05दिन
मंगल08:0508:59दिन
सूर्य08:5909:53दिन
शुक्र09:5310:47दिन
बुध10:4711:41दिन
चंद्र11:4112:35दिन
शनि12:3513:29दिन
गुरु13:2914:23दिन
मंगल14:2315:17दिन
सूर्य15:1716:11दिन
शुक्र16:1117:05दिन
बुध17:0518:11रात
चंद्र18:1119:17रात
शनि19:1720:23रात
गुरु20:2321:29रात
मंगल21:2922:35रात
सूर्य22:3523:41रात
शुक्र23:4100:47रात
बुध00:4701:53रात
चंद्र01:5302:59रात
शनि02:5904:05रात
गुरु04:0505:11रात
मंगल05:1106:17रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।