3 अक्टूबर 2026 को हावड़ा का चौघड़िया

शनिवार, 3 अक्टूबर 2026, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (08:00 तक), नक्षत्र आर्द्रा (01:29, 4 अक्टू॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 08:27 से 09:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 17:22
रात 05:29 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 01:29 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:28 – 06:58टालें
शुभ06:58 – 08:27शुभ
रोग08:27 – 09:56टालें
उद्वेग09:56 – 11:25टालें
चर11:25 – 12:55सामान्य
लाभ12:55 – 14:24शुभ
अमृत14:24 – 15:53शुभ
काल15:53 – 17:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:22 – 18:53शुभ
उद्वेग18:53 – 20:24टालें
शुभ20:24 – 21:55शुभ
अमृत21:55 – 23:26शुभ
चर23:26 – 00:56सामान्य
रोग00:56 – 02:27टालें
काल02:27 – 03:58टालें
लाभ03:58 – 05:29शुभ

3 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 08:00 तक
कृष्ण अष्टमी 05:52, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 01:29, 4 अक्टू॰ तक
पुनर्वसु 00:14, 5 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 15:21 तक
परिघअशुभ 12:32, 4 अक्टू॰ तक
करण
बव 08:00 तक
बालव 18:55 तक
कौलव 05:52, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
22:56
चंद्रास्त
12:06
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:49

अशुभ समय

राहुकाल
08:27 – 09:56
यमगंड
12:55 – 14:24
गुलिक काल
05:28 – 06:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2806:28दिन
गुरु06:2807:27दिन
मंगल07:2708:27दिन
सूर्य08:2709:26दिन
शुक्र09:2610:26दिन
बुध10:2611:25दिन
चंद्र11:2512:25दिन
शनि12:2513:24दिन
गुरु13:2414:24दिन
मंगल14:2415:23दिन
सूर्य15:2316:23दिन
शुक्र16:2317:22दिन
बुध17:2218:23रात
चंद्र18:2319:23रात
शनि19:2320:24रात
गुरु20:2421:24रात
मंगल21:2422:25रात
सूर्य22:2523:26रात
शुक्र23:2600:26रात
बुध00:2601:27रात
चंद्र01:2702:27रात
शनि02:2703:28रात
गुरु03:2804:28रात
मंगल04:2805:29रात

अयनांश 24.2308° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।