21 जनवरी 2027 को हावड़ा का चौघड़िया

गुरुवार, 21 जनवरी 2027, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 21 जनवरी 2027 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (21:30 तक), नक्षत्र आर्द्रा (13:24 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 13:10 से 14:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 17:17
रात 06:18 तक
तिथि
चतुर्दशी, 21:30 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
आर्द्रा, 13:24 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:18 – 07:41शुभ
रोग07:41 – 09:03टालें
उद्वेग09:03 – 10:25टालें
चर10:25 – 11:48सामान्य
लाभ11:48 – 13:10शुभ
अमृत13:10 – 14:32शुभ
काल14:32 – 15:55टालें
शुभ15:55 – 17:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:17 – 18:55शुभ
चर18:55 – 20:32सामान्य
रोग20:32 – 22:10टालें
काल22:10 – 23:48टालें
लाभ23:48 – 01:25शुभ
उद्वेग01:25 – 03:03टालें
शुभ03:03 – 04:41शुभ
अमृत04:41 – 06:18शुभ

21 जनवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 21:30 तक
पूर्णिमा 17:47, 22 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 10:25, 22 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:08 तक
विष्कंभअशुभ 13:50, 22 जन॰ तक
करण
गर 11:22 तक
वणिज 21:30 तक
विष्टि (भद्रा) 07:38, 22 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 05:10, 22 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
16:00
चंद्रास्त
05:03
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
13:10 – 14:32
यमगंड
06:18 – 07:41
गुलिक काल
09:03 – 10:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1807:13दिन
मंगल07:1308:08दिन
सूर्य08:0809:03दिन
शुक्र09:0309:58दिन
बुध09:5810:53दिन
चंद्र10:5311:48दिन
शनि11:4812:43दिन
गुरु12:4313:37दिन
मंगल13:3714:32दिन
सूर्य14:3215:27दिन
शुक्र15:2716:22दिन
बुध16:2217:17दिन
चंद्र17:1718:22रात
शनि18:2219:27रात
गुरु19:2720:32रात
मंगल20:3221:37रात
सूर्य21:3722:43रात
शुक्र22:4323:48रात
बुध23:4800:53रात
चंद्र00:5301:58रात
शनि01:5803:03रात
गुरु03:0304:08रात
मंगल04:0805:13रात
सूर्य05:1306:18रात

अयनांश 24.2350° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।