23 दिसंबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (12:13 तक), नक्षत्र श्रवण (07:07, 24 दिस॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 16:31 पर है। राहुकाल 13:52 से 15:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 16:31
रात 05:55 तक
तिथि
तृतीया, 12:13 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:55 – 07:14टालें
उद्वेग07:14 – 08:34टालें
चर08:34 – 09:53सामान्य
लाभ09:53 – 11:13शुभ
अमृत11:13 – 12:32शुभ
काल12:32 – 13:52टालें
शुभ13:52 – 15:11शुभ
रोग15:11 – 16:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:31 – 18:11टालें
लाभ18:11 – 19:52शुभ
उद्वेग19:52 – 21:32टालें
शुभ21:32 – 23:13शुभ
अमृत23:13 – 00:54शुभ
चर00:54 – 02:34सामान्य
रोग02:34 – 04:15टालें
काल04:15 – 05:55टालें

23 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 12:13 तक
शुक्ल चतुर्थी 13:11, 24 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 07:07, 24 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 16:30 तक
हर्षण 16:02, 24 दिस॰ तक
करण
गर 12:13 तक
वणिज 00:45, 24 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:11, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
16:31
चंद्रोदय
08:24
चंद्रास्त
19:24
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
10:52 – 11:34

अशुभ समय

राहुकाल
13:52 – 15:11
यमगंड
08:34 – 09:53
गुलिक काल
11:13 – 12:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5506:48दिन
सूर्य06:4807:41दिन
शुक्र07:4108:34दिन
बुध08:3409:27दिन
चंद्र09:2710:20दिन
शनि10:2011:13दिन
गुरु11:1312:06दिन
मंगल12:0612:59दिन
सूर्य12:5913:52दिन
शुक्र13:5214:45दिन
बुध14:4515:38दिन
चंद्र15:3816:31दिन
शनि16:3117:38रात
गुरु17:3818:45रात
मंगल18:4519:52रात
सूर्य19:5220:59रात
शुक्र20:5922:06रात
बुध22:0623:13रात
चंद्र23:1300:20रात
शनि00:2001:27रात
गुरु01:2702:34रात
मंगल02:3403:41रात
सूर्य03:4104:48रात
शुक्र04:4805:55रात

अयनांश 24.2199° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।