17 अक्टूबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (05:54 तक), नक्षत्र मूल (09:47 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 16:45 पर है। राहुकाल 08:06 से 09:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 16:45
रात 05:13 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
मूल, 09:47 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:13 – 06:39टालें
शुभ06:39 – 08:06शुभ
रोग08:06 – 09:32टालें
उद्वेग09:32 – 10:59टालें
चर10:59 – 12:26सामान्य
लाभ12:26 – 13:52शुभ
अमृत13:52 – 15:19शुभ
काल15:19 – 16:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:45 – 18:19शुभ
उद्वेग18:19 – 19:52टालें
शुभ19:52 – 21:26शुभ
अमृत21:26 – 22:59शुभ
चर22:59 – 00:33सामान्य
रोग00:33 – 02:06टालें
काल02:06 – 03:40टालें
लाभ03:40 – 05:13शुभ

17 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 05:54 तक
शुक्ल सप्तमी 08:28, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:47 तक
पूर्वाषाढ़ा 12:49, 18 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 23:02 तक
सुकर्मा 23:56, 18 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 05:54 तक
गर 19:12 तक
वणिज 08:28, 18 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
16:45
चंद्रोदय
11:03
चंद्रास्त
21:35
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:33 – 04:23
अभिजीत मुहूर्त
10:36 – 11:22

अशुभ समय

राहुकाल
08:06 – 09:32
यमगंड
12:26 – 13:52
गुलिक काल
05:13 – 06:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1306:10दिन
गुरु06:1007:08दिन
मंगल07:0808:06दिन
सूर्य08:0609:04दिन
शुक्र09:0410:01दिन
बुध10:0110:59दिन
चंद्र10:5911:57दिन
शनि11:5712:54दिन
गुरु12:5413:52दिन
मंगल13:5214:50दिन
सूर्य14:5015:48दिन
शुक्र15:4816:45दिन
बुध16:4517:48रात
चंद्र17:4818:50रात
शनि18:5019:52रात
गुरु19:5220:55रात
मंगल20:5521:57रात
सूर्य21:5722:59रात
शुक्र22:5900:02रात
बुध00:0201:04रात
चंद्र01:0402:06रात
शनि02:0603:08रात
गुरु03:0804:11रात
मंगल04:1105:13रात

अयनांश 24.2313° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।