23 अक्टूबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (14:36 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (21:03 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 16:40 पर है। राहुकाल 09:32 से 10:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 16:40
रात 05:16 तक
तिथि
द्वादशी, 14:36 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 21:03 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:16 – 06:41सामान्य
लाभ06:41 – 08:07शुभ
अमृत08:07 – 09:32शुभ
काल09:32 – 10:58टालें
शुभ10:58 – 12:24शुभ
रोग12:24 – 13:49टालें
उद्वेग13:49 – 15:15टालें
चर15:15 – 16:40सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:40 – 18:15टालें
काल18:15 – 19:49टालें
लाभ19:49 – 21:24शुभ
उद्वेग21:24 – 22:58टालें
शुभ22:58 – 00:33शुभ
अमृत00:33 – 02:07शुभ
चर02:07 – 03:42सामान्य
रोग03:42 – 05:16टालें

23 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 14:36 तक
शुक्ल त्रयोदशी 13:37, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 20:32, 24 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 22:08 तक
व्याघातअशुभ 20:01, 24 अक्टू॰ तक
करण
बालव 14:36 तक
कौलव 02:12, 24 अक्टू॰ तक
तैतिल 13:37, 24 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 15:04 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
16:40
चंद्रोदय
14:42
चंद्रास्त
02:12
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:35 – 04:25
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:21

अशुभ समय

राहुकाल
09:32 – 10:58
यमगंड
13:49 – 15:15
गुलिक काल
06:41 – 08:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1606:13दिन
बुध06:1307:10दिन
चंद्र07:1008:07दिन
शनि08:0709:04दिन
गुरु09:0410:01दिन
मंगल10:0110:58दिन
सूर्य10:5811:55दिन
शुक्र11:5512:52दिन
बुध12:5213:49दिन
चंद्र13:4914:46दिन
शनि14:4615:43दिन
गुरु15:4316:40दिन
मंगल16:4017:43रात
सूर्य17:4318:46रात
शुक्र18:4619:49रात
बुध19:4920:52रात
चंद्र20:5221:55रात
शनि21:5522:58रात
गुरु22:5800:01रात
मंगल00:0101:04रात
सूर्य01:0402:07रात
शुक्र02:0703:10रात
बुध03:1004:13रात
चंद्र04:1305:16रात

अयनांश 24.2315° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।