5 अप्रैल 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 5 अप्रैल 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 अप्रैल 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (05:23 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (17:47 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:02 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 06:36 से 08:09 तक है।

दिन और रात
दिन 05:02 – 17:31
रात 05:01 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 17:47 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:02 – 06:36शुभ
काल06:36 – 08:09टालें
शुभ08:09 – 09:43शुभ
रोग09:43 – 11:17टालें
उद्वेग11:17 – 12:50टालें
चर12:50 – 14:24सामान्य
लाभ14:24 – 15:58शुभ
अमृत15:58 – 17:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:31 – 18:58सामान्य
रोग18:58 – 20:24टालें
काल20:24 – 21:50टालें
लाभ21:50 – 23:16शुभ
उद्वेग23:16 – 00:42टालें
शुभ00:42 – 02:09शुभ
अमृत02:09 – 03:35शुभ
चर03:35 – 05:01सामान्य

5 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 05:23 तक
कृष्ण चतुर्दशी 05:40, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 18:23, 6 अप्रैल तक
योग
शुक्ल 09:47 तक
ब्रह्म 08:51, 6 अप्रैल तक
करण
वणिज 05:23 तक
विष्टि (भद्रा) 17:37 तक
शकुनि 05:40, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कुंभ 11:32 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:02
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
03:45
चंद्रास्त
16:05
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
10:52 – 11:42

अशुभ समय

राहुकाल
06:36 – 08:09
यमगंड
09:43 – 11:17
गुलिक काल
12:50 – 14:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:0206:04दिन
शनि06:0407:07दिन
गुरु07:0708:09दिन
मंगल08:0909:12दिन
सूर्य09:1210:14दिन
शुक्र10:1411:17दिन
बुध11:1712:19दिन
चंद्र12:1913:22दिन
शनि13:2214:24दिन
गुरु14:2415:27दिन
मंगल15:2716:29दिन
सूर्य16:2917:31दिन
शुक्र17:3118:29रात
बुध18:2919:26रात
चंद्र19:2620:24रात
शनि20:2421:21रात
गुरु21:2122:19रात
मंगल22:1923:16रात
सूर्य23:1600:14रात
शुक्र00:1401:11रात
बुध01:1102:09रात
चंद्र02:0903:06रात
शनि03:0604:04रात
गुरु04:0405:01रात

अयनांश 24.2378° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।