24 सितंबर 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 सितंबर 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 सितंबर 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (00:55, 25 सित॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (15:58 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:03 पर और सूर्यास्त 17:09 पर है। राहुकाल 09:35 से 11:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:03 – 17:09
रात 05:03 तक
तिथि
नवमी, 00:55 तक
दशमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 15:58 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:03 – 06:34सामान्य
लाभ06:34 – 08:04शुभ
अमृत08:04 – 09:35शुभ
काल09:35 – 11:06टालें
शुभ11:06 – 12:36शुभ
रोग12:36 – 14:07टालें
उद्वेग14:07 – 15:38टालें
चर15:38 – 17:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:09 – 18:38टालें
काल18:38 – 20:07टालें
लाभ20:07 – 21:37शुभ
उद्वेग21:37 – 23:06टालें
शुभ23:06 – 00:35शुभ
अमृत00:35 – 02:05शुभ
चर02:05 – 03:34सामान्य
रोग03:34 – 05:03टालें

24 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 00:55, 25 सित॰ तक
कृष्ण दशमी 22:31, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 14:27, 25 सित॰ तक
योग
वरीयान 20:52 तक
परिघअशुभ 17:51, 25 सित॰ तक
करण
तैतिल 13:59 तक
गर 00:55, 25 सित॰ तक
वणिज 11:45, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:03
सूर्यास्त
17:09
चंद्रोदय
23:36
चंद्रास्त
12:47
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:28 – 04:15
अभिजीत मुहूर्त
10:42 – 11:30

अशुभ समय

राहुकाल
09:35 – 11:06
यमगंड
14:07 – 15:38
गुलिक काल
06:34 – 08:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0306:03दिन
बुध06:0307:04दिन
चंद्र07:0408:04दिन
शनि08:0409:05दिन
गुरु09:0510:05दिन
मंगल10:0511:06दिन
सूर्य11:0612:06दिन
शुक्र12:0613:07दिन
बुध13:0714:07दिन
चंद्र14:0715:08दिन
शनि15:0816:08दिन
गुरु16:0817:09दिन
मंगल17:0918:08रात
सूर्य18:0819:08रात
शुक्र19:0820:07रात
बुध20:0721:07रात
चंद्र21:0722:06रात
शनि22:0623:06रात
गुरु23:0600:05रात
मंगल00:0501:05रात
सूर्य01:0502:05रात
शुक्र02:0503:04रात
बुध03:0404:04रात
चंद्र04:0405:03रात

अयनांश 24.2444° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।