11 अक्टूबर 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 11 अक्टूबर 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 11 अक्टूबर 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (05:48 तक), नक्षत्र आर्द्रा (09:29 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:10 पर और सूर्यास्त 16:50 पर है। राहुकाल 11:00 से 12:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:10 – 16:50
रात 05:10 तक
तिथि
अष्टमी, 04:55 तक
नक्षत्र
आर्द्रा, 09:29 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:10 – 06:38शुभ
अमृत06:38 – 08:05शुभ
काल08:05 – 09:33टालें
शुभ09:33 – 11:00शुभ
रोग11:00 – 12:28टालें
उद्वेग12:28 – 13:55टालें
चर13:55 – 15:23सामान्य
लाभ15:23 – 16:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:50 – 18:23टालें
शुभ18:23 – 19:55शुभ
अमृत19:55 – 21:28शुभ
चर21:28 – 23:00सामान्य
रोग23:00 – 00:33टालें
काल00:33 – 02:05टालें
लाभ02:05 – 03:38शुभ
उद्वेग03:38 – 05:10टालें

11 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 05:48 तक
कृष्ण अष्टमी 04:55, 12 अक्टू॰ तक
कृष्ण नवमी 03:23, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 09:11, 12 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 08:12 तक
शिव 06:19, 12 अक्टू॰ तक
करण
बव 05:48 तक
बालव 17:26 तक
कौलव 04:55, 12 अक्टू॰ तक
तैतिल 16:14, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 03:19, 12 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:10
सूर्यास्त
16:50
चंद्रोदय
22:43
चंद्रास्त
11:44
दिनमान
11h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:32 – 04:21
अभिजीत मुहूर्त
10:37 – 11:24 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:00 – 12:28
यमगंड
06:38 – 08:05
गुलिक काल
09:33 – 11:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1006:08दिन
चंद्र06:0807:07दिन
शनि07:0708:05दिन
गुरु08:0509:03दिन
मंगल09:0310:02दिन
सूर्य10:0211:00दिन
शुक्र11:0011:59दिन
बुध11:5912:57दिन
चंद्र12:5713:55दिन
शनि13:5514:54दिन
गुरु14:5415:52दिन
मंगल15:5216:50दिन
सूर्य16:5017:52रात
शुक्र17:5218:54रात
बुध18:5419:55रात
चंद्र19:5520:57रात
शनि20:5721:59रात
गुरु21:5923:00रात
मंगल23:0000:02रात
सूर्य00:0201:04रात
शुक्र01:0402:05रात
बुध02:0503:07रात
चंद्र03:0704:09रात
शनि04:0905:10रात

अयनांश 24.2590° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।