6 अक्टूबर 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 6 अक्टूबर 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 6 अक्टूबर 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (07:51 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (10:47 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:08 पर और सूर्यास्त 16:56 पर है। राहुकाल 08:05 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:08 – 16:56
रात 05:08 तक
तिथि
चतुर्दशी, 04:26 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 10:47 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:08 – 06:36टालें
शुभ06:36 – 08:05शुभ
रोग08:05 – 09:33टालें
उद्वेग09:33 – 11:02टालें
चर11:02 – 12:30सामान्य
लाभ12:30 – 13:59शुभ
अमृत13:59 – 15:27शुभ
काल15:27 – 16:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:56 – 18:27शुभ
उद्वेग18:27 – 19:59टालें
शुभ19:59 – 21:30शुभ
अमृत21:30 – 23:02शुभ
चर23:02 – 00:33सामान्य
रोग00:33 – 02:05टालें
काल02:05 – 03:37टालें
लाभ03:37 – 05:08शुभ

6 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 07:51 तक
कृष्ण चतुर्दशी 04:26, 7 अक्टू॰ तक
अमावस्या 00:44, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 08:06, 7 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 17:22 तक
ब्रह्म 13:17, 7 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 07:51 तक
विष्टि (भद्रा) 18:11 तक
शकुनि 04:26, 7 अक्टू॰ तक
चतुष्पद 14:37, 7 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 16:09 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:08
सूर्यास्त
16:56
चंद्रोदय
03:15
चंद्रास्त
15:37
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:19
अभिजीत मुहूर्त
10:38 – 11:25

अशुभ समय

राहुकाल
08:05 – 09:33
यमगंड
12:30 – 13:59
गुलिक काल
05:08 – 06:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0806:07दिन
गुरु06:0707:06दिन
मंगल07:0608:05दिन
सूर्य08:0509:04दिन
शुक्र09:0410:03दिन
बुध10:0311:02दिन
चंद्र11:0212:01दिन
शनि12:0113:00दिन
गुरु13:0013:59दिन
मंगल13:5914:58दिन
सूर्य14:5815:57दिन
शुक्र15:5716:56दिन
बुध16:5617:57रात
चंद्र17:5718:58रात
शनि18:5819:59रात
गुरु19:5921:00रात
मंगल21:0022:01रात
सूर्य22:0123:02रात
शुक्र23:0200:03रात
बुध00:0301:04रात
चंद्र01:0402:05रात
शनि02:0503:06रात
गुरु03:0604:07रात
मंगल04:0705:08रात

अयनांश 24.2728° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।