13 अक्टूबर 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 13 अक्टूबर 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 13 अक्टूबर 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (06:11 तक), नक्षत्र मूल (16:02 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 16:49 पर है। राहुकाल 08:05 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 16:49
रात 05:11 तक
तिथि
सप्तमी, 04:59 तक
नक्षत्र
मूल, 16:02 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:11 – 06:38टालें
शुभ06:38 – 08:05शुभ
रोग08:05 – 09:33टालें
उद्वेग09:33 – 11:00टालें
चर11:00 – 12:27सामान्य
लाभ12:27 – 13:54शुभ
अमृत13:54 – 15:22शुभ
काल15:22 – 16:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:49 – 18:22शुभ
उद्वेग18:22 – 19:54टालें
शुभ19:54 – 21:27शुभ
अमृत21:27 – 23:00शुभ
चर23:00 – 00:33सामान्य
रोग00:33 – 02:06टालें
काल02:06 – 03:38टालें
लाभ03:38 – 05:11शुभ

13 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 06:11 तक
शुक्ल सप्तमी 04:59, 14 अक्टू॰ तक
शुक्ल अष्टमी 04:29, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 16:02 तक
पूर्वाषाढ़ा 15:49, 14 अक्टू॰ तक
योग
शोभन 11:30 तक
अतिगंडअशुभ 09:32, 14 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 06:11 तक
गर 17:30 तक
वणिज 04:59, 14 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:38, 14 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
16:49
चंद्रोदय
10:51
चंद्रास्त
21:47
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:32 – 04:21
अभिजीत मुहूर्त
10:37 – 11:23

अशुभ समय

राहुकाल
08:05 – 09:33
यमगंड
12:27 – 13:54
गुलिक काल
05:11 – 06:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1106:09दिन
गुरु06:0907:07दिन
मंगल07:0708:05दिन
सूर्य08:0509:03दिन
शुक्र09:0310:02दिन
बुध10:0211:00दिन
चंद्र11:0011:58दिन
शनि11:5812:56दिन
गुरु12:5613:54दिन
मंगल13:5414:52दिन
सूर्य14:5215:51दिन
शुक्र15:5116:49दिन
बुध16:4917:51रात
चंद्र17:5118:53रात
शनि18:5319:54रात
गुरु19:5420:56रात
मंगल20:5621:58रात
सूर्य21:5823:00रात
शुक्र23:0000:02रात
बुध00:0201:04रात
चंद्र01:0402:06रात
शनि02:0603:08रात
गुरु03:0804:09रात
मंगल04:0905:11रात

अयनांश 24.2731° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।