4 नवंबर 2026 को इंदौर का चौघड़िया

बुधवार, 4 नवंबर 2026, इंदौर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 नवंबर 2026 को इंदौर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (11:03 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:30, 5 नव॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 12:09 से 13:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:47
रात 06:33 तक
तिथि
दशमी, 11:03 तक
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:30 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:32 – 07:57शुभ
अमृत07:57 – 09:21शुभ
काल09:21 – 10:45टालें
शुभ10:45 – 12:09शुभ
रोग12:09 – 13:34टालें
उद्वेग13:34 – 14:58टालें
चर14:58 – 16:22सामान्य
लाभ16:22 – 17:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:47 – 19:23टालें
शुभ19:23 – 20:58शुभ
अमृत20:58 – 22:34शुभ
चर22:34 – 00:10सामान्य
रोग00:10 – 01:46टालें
काल01:46 – 03:21टालें
लाभ03:21 – 04:57शुभ
उद्वेग04:57 – 06:33टालें

4 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 11:03 तक
कृष्ण एकादशी 10:36, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
ब्रह्म 08:01 तक
इंद्र 06:26, 5 नव॰ तक
वैधृतिअशुभ 05:09, 6 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:03 तक
बव 22:47 तक
बालव 10:36, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
01:53
चंद्रास्त
14:37
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:32 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:09 – 13:34
यमगंड
07:57 – 09:21
गुलिक काल
10:45 – 12:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3207:28दिन
चंद्र07:2808:25दिन
शनि08:2509:21दिन
गुरु09:2110:17दिन
मंगल10:1711:13दिन
सूर्य11:1312:09दिन
शुक्र12:0913:06दिन
बुध13:0614:02दिन
चंद्र14:0214:58दिन
शनि14:5815:54दिन
गुरु15:5416:51दिन
मंगल16:5117:47दिन
सूर्य17:4718:51रात
शुक्र18:5119:54रात
बुध19:5420:58रात
चंद्र20:5822:02रात
शनि22:0223:06रात
गुरु23:0600:10रात
मंगल00:1001:14रात
सूर्य01:1402:17रात
शुक्र02:1703:21रात
बुध03:2104:25रात
चंद्र04:2505:29रात
शनि05:2906:33रात

अयनांश 24.2320° (लाहिड़ी)। समय इंदौर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।