14 मार्च 2025 को ईटानगर का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 मार्च 2025, ईटानगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 मार्च 2025 को ईटानगर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (12:24 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (06:19 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 09:55 से 11:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 17:23
रात 05:25 तक
तिथि
पूर्णिमा, 12:24 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:26 – 06:55सामान्य
लाभ06:55 – 08:25शुभ
अमृत08:25 – 09:55शुभ
काल09:55 – 11:24टालें
शुभ11:24 – 12:54शुभ
रोग12:54 – 14:24टालें
उद्वेग14:24 – 15:53टालें
चर15:53 – 17:23सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:23 – 18:53टालें
काल18:53 – 20:24टालें
लाभ20:24 – 21:54शुभ
उद्वेग21:54 – 23:24टालें
शुभ23:24 – 00:54शुभ
अमृत00:54 – 02:24शुभ
चर02:24 – 03:54सामान्य
रोग03:54 – 05:25टालें

14 मार्च 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 12:24 तक
कृष्ण प्रतिपदा 14:33, 15 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 08:54, 15 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 13:23 तक
गंडअशुभ 13:59, 15 मार्च तक
करण
बव 12:24 तक
बालव 01:26, 15 मार्च तक
कौलव 14:33, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 12:56 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
17:30
चंद्रास्त
05:22
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:48

अशुभ समय

राहुकाल
09:55 – 11:24
यमगंड
14:24 – 15:53
गुलिक काल
06:55 – 08:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2606:25दिन
बुध06:2507:25दिन
चंद्र07:2508:25दिन
शनि08:2509:25दिन
गुरु09:2510:25दिन
मंगल10:2511:24दिन
सूर्य11:2412:24दिन
शुक्र12:2413:24दिन
बुध13:2414:24दिन
चंद्र14:2415:24दिन
शनि15:2416:23दिन
गुरु16:2317:23दिन
मंगल17:2318:23रात
सूर्य18:2319:23रात
शुक्र19:2320:24रात
बुध20:2421:24रात
चंद्र21:2422:24रात
शनि22:2423:24रात
गुरु23:2400:24रात
मंगल00:2401:24रात
सूर्य01:2402:24रात
शुक्र02:2403:24रात
बुध03:2404:25रात
चंद्र04:2505:25रात

अयनांश 24.2091° (लाहिड़ी)। समय ईटानगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।