2 मई 2027 को जयपुर का चौघड़िया

रविवार, 2 मई 2027, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 2 मई 2027 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (19:52 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (02:40, 3 मई तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 17:20 से 18:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 18:59
रात 05:47 तक
तिथि
एकादशी, 19:52 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 02:40 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:48 – 07:27टालें
चर07:27 – 09:06सामान्य
लाभ09:06 – 10:45शुभ
अमृत10:45 – 12:24शुभ
काल12:24 – 14:03टालें
शुभ14:03 – 15:42शुभ
रोग15:42 – 17:20टालें
उद्वेग17:20 – 18:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:59 – 20:20शुभ
अमृत20:20 – 21:41शुभ
चर21:41 – 23:02सामान्य
रोग23:02 – 00:23टालें
काल00:23 – 01:44टालें
लाभ01:44 – 03:05शुभ
उद्वेग03:05 – 04:26टालें
शुभ04:26 – 05:47शुभ

2 मई 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 19:52 तक
कृष्ण द्वादशी 20:04, 3 मई तक
नक्षत्र
योग
इंद्र 18:29 तक
वैधृतिअशुभ 17:39, 3 मई तक
करण
बव 07:28 तक
बालव 19:52 तक
कौलव 08:04, 3 मई तक
चंद्र राशि
कुंभ 20:23 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
02:57
चंद्रास्त
15:08
दिनमान
13h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
17:20 – 18:59
यमगंड
12:24 – 14:03
गुलिक काल
15:42 – 17:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4806:54दिन
शुक्र06:5408:00दिन
बुध08:0009:06दिन
चंद्र09:0610:12दिन
शनि10:1211:18दिन
गुरु11:1812:24दिन
मंगल12:2413:30दिन
सूर्य13:3014:36दिन
शुक्र14:3615:42दिन
बुध15:4216:47दिन
चंद्र16:4717:53दिन
शनि17:5318:59दिन
गुरु18:5919:53रात
मंगल19:5320:47रात
सूर्य20:4721:41रात
शुक्र21:4122:35रात
बुध22:3523:29रात
चंद्र23:2900:23रात
शनि00:2301:17रात
गुरु01:1702:11रात
मंगल02:1103:05रात
सूर्य03:0503:59रात
शुक्र03:5904:53रात
बुध04:5305:47रात

अयनांश 24.2389° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।