19 मई 2028 को जयपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 19 मई 2028, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 19 मई 2028 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (10:11 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (07:53 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 10:41 से 12:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 19:09
रात 05:36 तक
तिथि
दशमी, 10:11 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:37 – 07:18सामान्य
लाभ07:18 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:41शुभ
काल10:41 – 12:23टालें
शुभ12:23 – 14:05शुभ
रोग14:05 – 15:46टालें
उद्वेग15:46 – 17:28टालें
चर17:28 – 19:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:09 – 20:28टालें
काल20:28 – 21:46टालें
लाभ21:46 – 23:04शुभ
उद्वेग23:04 – 00:23टालें
शुभ00:23 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 02:59शुभ
चर02:59 – 04:18सामान्य
रोग04:18 – 05:36टालें

19 मई 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 10:11 तक
कृष्ण एकादशी 12:01, 20 मई तक
नक्षत्र
योग
विष्कंभअशुभ 18:15 तक
प्रीति 18:37, 20 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:11 तक
बव 23:10 तक
बालव 12:01, 20 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
02:08
चंद्रास्त
14:41
दिनमान
13h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
10:41 – 12:23
यमगंड
15:46 – 17:28
गुलिक काल
07:18 – 09:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3706:44दिन
बुध06:4407:52दिन
चंद्र07:5209:00दिन
शनि09:0010:08दिन
गुरु10:0811:15दिन
मंगल11:1512:23दिन
सूर्य12:2313:31दिन
शुक्र13:3114:38दिन
बुध14:3815:46दिन
चंद्र15:4616:54दिन
शनि16:5418:02दिन
गुरु18:0219:09दिन
मंगल19:0920:02रात
सूर्य20:0220:54रात
शुक्र20:5421:46रात
बुध21:4622:38रात
चंद्र22:3823:31रात
शनि23:3100:23रात
गुरु00:2301:15रात
मंगल01:1502:07रात
सूर्य02:0702:59रात
शुक्र02:5903:52रात
बुध03:5204:44रात
चंद्र04:4405:36रात

अयनांश 24.2535° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।