6 जुलाई 2028 को जयपुर का चौघड़िया

गुरुवार, 6 जुलाई 2028, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 जुलाई 2028 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (23:40 तक), नक्षत्र मूल (09:13 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 19:24 पर है। राहुकाल 14:14 से 15:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 19:24
रात 05:39 तक
तिथि
पूर्णिमा, 23:40 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मूल, 09:13 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:38 – 07:21शुभ
रोग07:21 – 09:05टालें
उद्वेग09:05 – 10:48टालें
चर10:48 – 12:31सामान्य
लाभ12:31 – 14:14शुभ
अमृत14:14 – 15:58शुभ
काल15:58 – 17:41टालें
शुभ17:41 – 19:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:24 – 20:41शुभ
चर20:41 – 21:58सामान्य
रोग21:58 – 23:15टालें
काल23:15 – 00:31टालें
लाभ00:31 – 01:48शुभ
उद्वेग01:48 – 03:05टालें
शुभ03:05 – 04:22शुभ
अमृत04:22 – 05:39शुभ

6 जुलाई 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 23:40 तक
कृष्ण प्रतिपदा 00:46, 8 जुल॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:13 तक
पूर्वाषाढ़ा 10:42, 7 जुल॰ तक
योग
ब्रह्म 08:36 तक
इंद्र 08:16, 7 जुल॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:18 तक
बव 23:40 तक
बालव 12:10, 7 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
19:24
चंद्रोदय
19:15
चंद्रास्त
04:57
दिनमान
13h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
14:14 – 15:58
यमगंड
05:38 – 07:21
गुलिक काल
09:05 – 10:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3806:47दिन
मंगल06:4707:56दिन
सूर्य07:5609:05दिन
शुक्र09:0510:13दिन
बुध10:1311:22दिन
चंद्र11:2212:31दिन
शनि12:3113:40दिन
गुरु13:4014:49दिन
मंगल14:4915:58दिन
सूर्य15:5817:06दिन
शुक्र17:0618:15दिन
बुध18:1519:24दिन
चंद्र19:2420:15रात
शनि20:1521:07रात
गुरु21:0721:58रात
मंगल21:5822:49रात
सूर्य22:4923:40रात
शुक्र23:4000:31रात
बुध00:3101:23रात
चंद्र01:2302:14रात
शनि02:1403:05रात
गुरु03:0503:56रात
मंगल03:5604:47रात
सूर्य04:4705:39रात

अयनांश 24.2553° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।