2 जुलाई 2029 को जयपुर का चौघड़िया

सोमवार, 2 जुलाई 2029, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 जुलाई 2029 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (08:22 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (18:27 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 19:24 पर है। राहुकाल 07:20 से 09:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 19:24
रात 05:37 तक
तिथि
षष्ठी, 08:22 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 18:27 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:36 – 07:20शुभ
काल07:20 – 09:03टालें
शुभ09:03 – 10:47शुभ
रोग10:47 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 14:14टालें
चर14:14 – 15:57सामान्य
लाभ15:57 – 17:41शुभ
अमृत17:41 – 19:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:24 – 20:41सामान्य
रोग20:41 – 21:57टालें
काल21:57 – 23:14टालें
लाभ23:14 – 00:31शुभ
उद्वेग00:31 – 01:47टालें
शुभ01:47 – 03:04शुभ
अमृत03:04 – 04:20शुभ
चर04:20 – 05:37सामान्य

2 जुलाई 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 08:22 तक
कृष्ण सप्तमी 10:20, 3 जुल॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 21:09, 3 जुल॰ तक
योग
सौभाग्य 00:37, 3 जुल॰ तक
शोभन 01:24, 4 जुल॰ तक
करण
वणिज 08:22 तक
विष्टि (भद्रा) 21:18 तक
बव 10:20, 3 जुल॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 11:49 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
19:24
चंद्रोदय
23:25
चंद्रास्त
11:18
दिनमान
13h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
07:20 – 09:03
यमगंड
10:47 – 12:30
गुलिक काल
14:14 – 15:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3606:45दिन
शनि06:4507:54दिन
गुरु07:5409:03दिन
मंगल09:0310:12दिन
सूर्य10:1211:21दिन
शुक्र11:2112:30दिन
बुध12:3013:39दिन
चंद्र13:3914:48दिन
शनि14:4815:57दिन
गुरु15:5717:06दिन
मंगल17:0618:15दिन
सूर्य18:1519:24दिन
शुक्र19:2420:15रात
बुध20:1521:06रात
चंद्र21:0621:57रात
शनि21:5722:48रात
गुरु22:4823:40रात
मंगल23:4000:31रात
सूर्य00:3101:22रात
शुक्र01:2202:13रात
बुध02:1303:04रात
चंद्र03:0403:55रात
शनि03:5504:46रात
गुरु04:4605:37रात

अयनांश 24.2691° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।