4 नवंबर 2026 को जामनगर का चौघड़िया

बुधवार, 4 नवंबर 2026, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 नवंबर 2026 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (11:03 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:30, 5 नव॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 12:33 से 13:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 18:10
रात 06:56 तक
तिथि
दशमी, 11:03 तक
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:30 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:55 – 08:19शुभ
अमृत08:19 – 09:44शुभ
काल09:44 – 11:08टालें
शुभ11:08 – 12:33शुभ
रोग12:33 – 13:57टालें
उद्वेग13:57 – 15:21टालें
चर15:21 – 16:46सामान्य
लाभ16:46 – 18:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:10 – 19:46टालें
शुभ19:46 – 21:22शुभ
अमृत21:22 – 22:57शुभ
चर22:57 – 00:33सामान्य
रोग00:33 – 02:09टालें
काल02:09 – 03:44टालें
लाभ03:44 – 05:20शुभ
उद्वेग05:20 – 06:56टालें

4 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 11:03 तक
कृष्ण एकादशी 10:36, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
ब्रह्म 08:01 तक
इंद्र 06:26, 5 नव॰ तक
वैधृतिअशुभ 05:09, 6 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:03 तक
बव 22:47 तक
बालव 10:36, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
02:17
चंद्रास्त
15:01
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:33 – 13:57
यमगंड
08:19 – 09:44
गुलिक काल
11:08 – 12:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5507:51दिन
चंद्र07:5108:48दिन
शनि08:4809:44दिन
गुरु09:4410:40दिन
मंगल10:4011:36दिन
सूर्य11:3612:33दिन
शुक्र12:3313:29दिन
बुध13:2914:25दिन
चंद्र14:2515:21दिन
शनि15:2116:18दिन
गुरु16:1817:14दिन
मंगल17:1418:10दिन
सूर्य18:1019:14रात
शुक्र19:1420:18रात
बुध20:1821:22रात
चंद्र21:2222:25रात
शनि22:2523:29रात
गुरु23:2900:33रात
मंगल00:3301:37रात
सूर्य01:3702:41रात
शुक्र02:4103:44रात
बुध03:4404:48रात
चंद्र04:4805:52रात
शनि05:5206:56रात

अयनांश 24.2320° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।