25 अप्रैल 2029 को जामनगर का चौघड़िया

बुधवार, 25 अप्रैल 2029, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 अप्रैल 2029 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (06:38 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (12:49 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 12:47 से 14:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 19:13
रात 06:20 तक
तिथि
द्वादशी, 03:22 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 12:49 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:21 – 07:58शुभ
अमृत07:58 – 09:34शुभ
काल09:34 – 11:11टालें
शुभ11:11 – 12:47शुभ
रोग12:47 – 14:24टालें
उद्वेग14:24 – 16:00टालें
चर16:00 – 17:37सामान्य
लाभ17:37 – 19:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:13 – 20:37टालें
शुभ20:37 – 22:00शुभ
अमृत22:00 – 23:24शुभ
चर23:24 – 00:47सामान्य
रोग00:47 – 02:10टालें
काल02:10 – 03:34टालें
लाभ03:34 – 04:57शुभ
उद्वेग04:57 – 06:20टालें

25 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 06:38 तक
शुक्ल द्वादशी 03:22, 26 अप्रैल तक
शुक्ल त्रयोदशी 23:44, 26 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 10:13, 26 अप्रैल तक
योग
ध्रुव 16:12 तक
व्याघातअशुभ 12:15, 26 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:38 तक
बव 17:03 तक
बालव 03:22, 26 अप्रैल तक
कौलव 13:35, 26 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 18:13 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
16:04
चंद्रास्त
03:37
दिनमान
12h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:13 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:47 – 14:24
यमगंड
07:58 – 09:34
गुलिक काल
11:11 – 12:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2107:26दिन
चंद्र07:2608:30दिन
शनि08:3009:34दिन
गुरु09:3410:39दिन
मंगल10:3911:43दिन
सूर्य11:4312:47दिन
शुक्र12:4713:52दिन
बुध13:5214:56दिन
चंद्र14:5616:00दिन
शनि16:0017:05दिन
गुरु17:0518:09दिन
मंगल18:0919:13दिन
सूर्य19:1320:09रात
शुक्र20:0921:05रात
बुध21:0522:00रात
चंद्र22:0022:56रात
शनि22:5623:51रात
गुरु23:5100:47रात
मंगल00:4701:43रात
सूर्य01:4302:38रात
शुक्र02:3803:34रात
बुध03:3404:29रात
चंद्र04:2905:25रात
शनि05:2506:20रात

अयनांश 24.2665° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।