24 अगस्त 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

रविवार, 24 अगस्त 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 24 अगस्त 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (11:48 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (02:06, 25 अग॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 19:11 पर है। राहुकाल 17:36 से 19:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 19:11
रात 06:29 तक
तिथि
प्रतिपदा, 11:48 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 02:06 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:29 – 08:04टालें
चर08:04 – 09:39सामान्य
लाभ09:39 – 11:15शुभ
अमृत11:15 – 12:50शुभ
काल12:50 – 14:25टालें
शुभ14:25 – 16:00शुभ
रोग16:00 – 17:36टालें
उद्वेग17:36 – 19:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:11 – 20:36शुभ
अमृत20:36 – 22:01शुभ
चर22:01 – 23:25सामान्य
रोग23:25 – 00:50टालें
काल00:50 – 02:15टालें
लाभ02:15 – 03:40शुभ
उद्वेग03:40 – 05:04टालें
शुभ05:04 – 06:29शुभ

24 अगस्त 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 11:48 तक
शुक्ल द्वितीया 12:35, 25 अग॰ तक
नक्षत्र
योग
शिव 12:29 तक
सिद्ध 12:06, 25 अग॰ तक
करण
बव 11:48 तक
बालव 00:07, 25 अग॰ तक
कौलव 12:35, 25 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
19:11
चंद्रोदय
07:16
चंद्रास्त
19:57
दिनमान
12h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
17:36 – 19:11
यमगंड
12:50 – 14:25
गुलिक काल
16:00 – 17:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2907:32दिन
शुक्र07:3208:36दिन
बुध08:3609:39दिन
चंद्र09:3910:43दिन
शनि10:4311:46दिन
गुरु11:4612:50दिन
मंगल12:5013:53दिन
सूर्य13:5314:57दिन
शुक्र14:5716:00दिन
बुध16:0017:04दिन
चंद्र17:0418:07दिन
शनि18:0719:11दिन
गुरु19:1120:07रात
मंगल20:0721:04रात
सूर्य21:0422:01रात
शुक्र22:0122:57रात
बुध22:5723:54रात
चंद्र23:5400:50रात
शनि00:5001:47रात
गुरु01:4702:43रात
मंगल02:4303:40रात
सूर्य03:4004:36रात
शुक्र04:3605:33रात
बुध05:3306:29रात

अयनांश 24.2153° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।