27 दिसंबर 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शनिवार, 27 दिसंबर 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (13:10 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (09:09 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:24 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 10:06 से 11:28 तक है।

दिन और रात
दिन 07:24 – 18:14
रात 07:24 तक
तिथि
सप्तमी, 13:10 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:24 – 08:45टालें
शुभ08:45 – 10:06शुभ
रोग10:06 – 11:28टालें
उद्वेग11:28 – 12:49टालें
चर12:49 – 14:10सामान्य
लाभ14:10 – 15:31शुभ
अमृत15:31 – 16:52शुभ
काल16:52 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:14 – 19:53शुभ
उद्वेग19:53 – 21:31टालें
शुभ21:31 – 23:10शुभ
अमृत23:10 – 00:49शुभ
चर00:49 – 02:28सामान्य
रोग02:28 – 04:07टालें
काल04:07 – 05:45टालें
लाभ05:45 – 07:24शुभ

27 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 13:10 तक
शुक्ल अष्टमी 12:00, 28 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 08:43, 28 दिस॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 12:21 तक
वरीयान 10:13, 28 दिस॰ तक
करण
वणिज 13:10 तक
विष्टि (भद्रा) 00:39, 28 दिस॰ तक
बव 12:00, 28 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:24
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
12:17
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:38 – 06:31
अभिजीत मुहूर्त
12:27 – 13:10

अशुभ समय

राहुकाल
10:06 – 11:28
यमगंड
14:10 – 15:31
गुलिक काल
07:24 – 08:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2408:18दिन
गुरु08:1809:12दिन
मंगल09:1210:06दिन
सूर्य10:0611:00दिन
शुक्र11:0011:55दिन
बुध11:5512:49दिन
चंद्र12:4913:43दिन
शनि13:4314:37दिन
गुरु14:3715:31दिन
मंगल15:3116:25दिन
सूर्य16:2517:20दिन
शुक्र17:2018:14दिन
बुध18:1419:20रात
चंद्र19:2020:25रात
शनि20:2521:31रात
गुरु21:3122:37रात
मंगल22:3723:43रात
सूर्य23:4300:49रात
शुक्र00:4901:55रात
बुध01:5503:01रात
चंद्र03:0104:07रात
शनि04:0705:12रात
गुरु05:1206:18रात
मंगल06:1807:24रात

अयनांश 24.2201° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।