3 अक्टूबर 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शनिवार, 3 अक्टूबर 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (08:00 तक), नक्षत्र आर्द्रा (01:29, 4 अक्टू॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 09:38 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 18:34
रात 06:40 तक
तिथि
अष्टमी, 05:52 तक
नवमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 01:29 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:39 – 08:09टालें
शुभ08:09 – 09:38शुभ
रोग09:38 – 11:07टालें
उद्वेग11:07 – 12:37टालें
चर12:37 – 14:06सामान्य
लाभ14:06 – 15:35शुभ
अमृत15:35 – 17:04शुभ
काल17:04 – 18:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:34 – 20:05शुभ
उद्वेग20:05 – 21:35टालें
शुभ21:35 – 23:06शुभ
अमृत23:06 – 00:37शुभ
चर00:37 – 02:07सामान्य
रोग02:07 – 03:38टालें
काल03:38 – 05:09टालें
लाभ05:09 – 06:40शुभ

3 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 08:00 तक
कृष्ण अष्टमी 05:52, 4 अक्टू॰ तक
कृष्ण नवमी 03:54, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 01:29, 4 अक्टू॰ तक
पुनर्वसु 00:14, 5 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 15:21 तक
परिघअशुभ 12:32, 4 अक्टू॰ तक
करण
बव 08:00 तक
बालव 18:55 तक
कौलव 05:52, 4 अक्टू॰ तक
तैतिल 16:51, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:17
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
09:38 – 11:07
यमगंड
14:06 – 15:35
गुलिक काल
06:39 – 08:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3907:39दिन
गुरु07:3908:38दिन
मंगल08:3809:38दिन
सूर्य09:3810:38दिन
शुक्र10:3811:37दिन
बुध11:3712:37दिन
चंद्र12:3713:36दिन
शनि13:3614:36दिन
गुरु14:3615:35दिन
मंगल15:3516:35दिन
सूर्य16:3517:34दिन
शुक्र17:3418:34दिन
बुध18:3419:34रात
चंद्र19:3420:35रात
शनि20:3521:35रात
गुरु21:3522:36रात
मंगल22:3623:36रात
सूर्य23:3600:37रात
शुक्र00:3701:37रात
बुध01:3702:38रात
चंद्र02:3803:38रात
शनि03:3804:39रात
गुरु04:3905:39रात
मंगल05:3906:40रात

अयनांश 24.2308° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।