8 अक्टूबर 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (22:16 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (21:20 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 14:04 से 15:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:29
रात 06:41 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:16 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 21:20 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:41 – 08:09शुभ
रोग08:09 – 09:38टालें
उद्वेग09:38 – 11:07टालें
चर11:07 – 12:35सामान्य
लाभ12:35 – 14:04शुभ
अमृत14:04 – 15:32शुभ
काल15:32 – 17:01टालें
शुभ17:01 – 18:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:29 – 20:01शुभ
चर20:01 – 21:32सामान्य
रोग21:32 – 23:04टालें
काल23:04 – 00:35टालें
लाभ00:35 – 02:07शुभ
उद्वेग02:07 – 03:38टालें
शुभ03:38 – 05:10शुभ
अमृत05:10 – 06:41शुभ

8 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक
कृष्ण चतुर्दशी 21:36, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 21:19, 9 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 00:58, 9 अक्टू॰ तक
ब्रह्म 23:21, 9 अक्टू॰ तक
करण
गर 10:44 तक
वणिज 22:16 तक
विष्टि (भद्रा) 09:53, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 03:18, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
04:21
चंद्रास्त
16:58
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
14:04 – 15:32
यमगंड
06:41 – 08:09
गुलिक काल
09:38 – 11:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4107:40दिन
मंगल07:4008:39दिन
सूर्य08:3909:38दिन
शुक्र09:3810:37दिन
बुध10:3711:36दिन
चंद्र11:3612:35दिन
शनि12:3513:34दिन
गुरु13:3414:33दिन
मंगल14:3315:32दिन
सूर्य15:3216:31दिन
शुक्र16:3117:30दिन
बुध17:3018:29दिन
चंद्र18:2919:30रात
शनि19:3020:31रात
गुरु20:3121:32रात
मंगल21:3222:33रात
सूर्य22:3323:34रात
शुक्र23:3400:35रात
बुध00:3501:36रात
चंद्र01:3602:37रात
शनि02:3703:38रात
गुरु03:3804:39रात
मंगल04:3905:40रात
सूर्य05:4006:41रात

अयनांश 24.2310° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।