17 अक्टूबर 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (08:28, 18 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मूल (09:47 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 09:39 से 11:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 18:22
रात 06:45 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
मूल, 09:47 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:44 – 08:11टालें
शुभ08:11 – 09:39शुभ
रोग09:39 – 11:06टालें
उद्वेग11:06 – 12:33टालें
चर12:33 – 14:00सामान्य
लाभ14:00 – 15:27शुभ
अमृत15:27 – 16:55शुभ
काल16:55 – 18:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:22 – 19:55शुभ
उद्वेग19:55 – 21:27टालें
शुभ21:27 – 23:00शुभ
अमृत23:00 – 00:33शुभ
चर00:33 – 02:06सामान्य
रोग02:06 – 03:39टालें
काल03:39 – 05:12टालें
लाभ05:12 – 06:45शुभ

17 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 08:28, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:47 तक
पूर्वाषाढ़ा 12:49, 18 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 23:02 तक
सुकर्मा 23:56, 18 अक्टू॰ तक
करण
गर 19:12 तक
वणिज 08:28, 18 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
12:31
चंद्रास्त
23:21
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
09:39 – 11:06
यमगंड
14:00 – 15:27
गुलिक काल
06:44 – 08:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4407:42दिन
गुरु07:4208:40दिन
मंगल08:4009:39दिन
सूर्य09:3910:37दिन
शुक्र10:3711:35दिन
बुध11:3512:33दिन
चंद्र12:3313:31दिन
शनि13:3114:29दिन
गुरु14:2915:27दिन
मंगल15:2716:25दिन
सूर्य16:2517:24दिन
शुक्र17:2418:22दिन
बुध18:2219:24रात
चंद्र19:2420:26रात
शनि20:2621:27रात
गुरु21:2722:29रात
मंगल22:2923:31रात
सूर्य23:3100:33रात
शुक्र00:3301:35रात
बुध01:3502:37रात
चंद्र02:3703:39रात
शनि03:3904:41रात
गुरु04:4105:43रात
मंगल05:4306:45रात

अयनांश 24.2313° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।