29 दिसंबर 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

मंगलवार, 29 दिसंबर 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 29 दिसंबर 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (13:25 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (15:43 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:24 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 15:32 से 16:53 तक है।

दिन और रात
दिन 07:24 – 18:15
रात 07:25 तक
तिथि
षष्ठी, 13:25 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 15:43 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:24 – 08:46टालें
उद्वेग08:46 – 10:07टालें
चर10:07 – 11:28सामान्य
लाभ11:28 – 12:50शुभ
अमृत12:50 – 14:11शुभ
काल14:11 – 15:32टालें
शुभ15:32 – 16:53शुभ
रोग16:53 – 18:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:15 – 19:53टालें
लाभ19:53 – 21:32शुभ
उद्वेग21:32 – 23:11टालें
शुभ23:11 – 00:50शुभ
अमृत00:50 – 02:29शुभ
चर02:29 – 04:07सामान्य
रोग04:07 – 05:46टालें
काल05:46 – 07:25टालें

29 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 13:25 तक
कृष्ण सप्तमी 12:36, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 15:37, 30 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 15:30 तक
सौभाग्य 13:41, 30 दिस॰ तक
करण
वणिज 13:25 तक
विष्टि (भद्रा) 00:55, 30 दिस॰ तक
बव 12:36, 30 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 21:37 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:24
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
23:56
चंद्रास्त
11:34
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:39 – 06:32
अभिजीत मुहूर्त
12:28 – 13:11

अशुभ समय

राहुकाल
15:32 – 16:53
यमगंड
10:07 – 11:28
गुलिक काल
12:50 – 14:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:2408:19दिन
सूर्य08:1909:13दिन
शुक्र09:1310:07दिन
बुध10:0711:01दिन
चंद्र11:0111:55दिन
शनि11:5512:50दिन
गुरु12:5013:44दिन
मंगल13:4414:38दिन
सूर्य14:3815:32दिन
शुक्र15:3216:26दिन
बुध16:2617:21दिन
चंद्र17:2118:15दिन
शनि18:1519:21रात
गुरु19:2120:26रात
मंगल20:2621:32रात
सूर्य21:3222:38रात
शुक्र22:3823:44रात
बुध23:4400:50रात
चंद्र00:5001:56रात
शनि01:5603:01रात
गुरु03:0104:07रात
मंगल04:0705:13रात
सूर्य05:1306:19रात
शुक्र06:1907:25रात

अयनांश 24.2341° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।