21 जनवरी 2027 को जूनागढ़ का चौघड़िया

गुरुवार, 21 जनवरी 2027, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 21 जनवरी 2027 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (21:30 तक), नक्षत्र आर्द्रा (13:24 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 14:22 से 15:44 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:30
रात 07:28 तक
तिथि
चतुर्दशी, 21:30 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
आर्द्रा, 13:24 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:28 – 08:51शुभ
रोग08:51 – 10:13टालें
उद्वेग10:13 – 11:36टालें
चर11:36 – 12:59सामान्य
लाभ12:59 – 14:22शुभ
अमृत14:22 – 15:44शुभ
काल15:44 – 17:07टालें
शुभ17:07 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:30 – 20:07शुभ
चर20:07 – 21:44सामान्य
रोग21:44 – 23:22टालें
काल23:22 – 00:59टालें
लाभ00:59 – 02:36शुभ
उद्वेग02:36 – 04:13टालें
शुभ04:13 – 05:51शुभ
अमृत05:51 – 07:28शुभ

21 जनवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 21:30 तक
पूर्णिमा 17:47, 22 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 10:25, 22 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:08 तक
विष्कंभअशुभ 13:50, 22 जन॰ तक
करण
गर 11:22 तक
वणिज 21:30 तक
विष्टि (भद्रा) 07:38, 22 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 05:10, 22 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
17:17
चंद्रास्त
06:15
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
14:22 – 15:44
यमगंड
07:28 – 08:51
गुलिक काल
10:13 – 11:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:2808:23दिन
मंगल08:2309:18दिन
सूर्य09:1810:13दिन
शुक्र10:1311:09दिन
बुध11:0912:04दिन
चंद्र12:0412:59दिन
शनि12:5913:54दिन
गुरु13:5414:49दिन
मंगल14:4915:44दिन
सूर्य15:4416:40दिन
शुक्र16:4017:35दिन
बुध17:3518:30दिन
चंद्र18:3019:35रात
शनि19:3520:40रात
गुरु20:4021:44रात
मंगल21:4422:49रात
सूर्य22:4923:54रात
शुक्र23:5400:59रात
बुध00:5902:04रात
चंद्र02:0403:08रात
शनि03:0804:13रात
गुरु04:1305:18रात
मंगल05:1806:23रात
सूर्य06:2307:28रात

अयनांश 24.2350° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।