20 अप्रैल 2029 को काकीनाडा का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2029, काकीनाडा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2029 को काकीनाडा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (13:30 तक), नक्षत्र आर्द्रा (16:46 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 10:25 से 12:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 18:17
रात 05:41 तक
तिथि
षष्ठी, 13:30 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 16:46 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:42 – 07:16सामान्य
लाभ07:16 – 08:51शुभ
अमृत08:51 – 10:25शुभ
काल10:25 – 12:00टालें
शुभ12:00 – 13:34शुभ
रोग13:34 – 15:09टालें
उद्वेग15:09 – 16:43टालें
चर16:43 – 18:17सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:17 – 19:43टालें
काल19:43 – 21:08टालें
लाभ21:08 – 22:34शुभ
उद्वेग22:34 – 23:59टालें
शुभ23:59 – 01:25शुभ
अमृत01:25 – 02:50शुभ
चर02:50 – 04:16सामान्य
रोग04:16 – 05:41टालें

20 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 13:30 तक
शुक्ल सप्तमी 13:34, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 17:23, 21 अप्रैल तक
योग
सुकर्मा 04:46, 21 अप्रैल तक
धृति 03:23, 22 अप्रैल तक
करण
तैतिल 13:30 तक
गर 01:37, 21 अप्रैल तक
वणिज 13:34, 21 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
10:25
चंद्रास्त
23:48
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
10:25 – 12:00
यमगंड
15:09 – 16:43
गुलिक काल
07:16 – 08:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4206:45दिन
बुध06:4507:48दिन
चंद्र07:4808:51दिन
शनि08:5109:54दिन
गुरु09:5410:57दिन
मंगल10:5712:00दिन
सूर्य12:0013:03दिन
शुक्र13:0314:06दिन
बुध14:0615:09दिन
चंद्र15:0916:11दिन
शनि16:1117:14दिन
गुरु17:1418:17दिन
मंगल18:1719:14रात
सूर्य19:1420:11रात
शुक्र20:1121:08रात
बुध21:0822:05रात
चंद्र22:0523:02रात
शनि23:0223:59रात
गुरु23:5900:56रात
मंगल00:5601:53रात
सूर्य01:5302:50रात
शुक्र02:5003:47रात
बुध03:4704:44रात
चंद्र04:4405:41रात

अयनांश 24.2664° (लाहिड़ी)। समय काकीनाडा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।