5 जनवरी 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

शुक्रवार, 5 जनवरी 2029, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 5 जनवरी 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (12:31 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (22:06 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:33 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 11:20 से 12:35 तक है।

दिन और रात
दिन 07:33 – 17:37
रात 07:33 तक
तिथि
पंचमी, 12:31 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 22:06 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:33 – 08:49सामान्य
लाभ08:49 – 10:04शुभ
अमृत10:04 – 11:20शुभ
काल11:20 – 12:35टालें
शुभ12:35 – 13:51शुभ
रोग13:51 – 15:06टालें
उद्वेग15:06 – 16:22टालें
चर16:22 – 17:37सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:37 – 19:22टालें
काल19:22 – 21:06टालें
लाभ21:06 – 22:51शुभ
उद्वेग22:51 – 00:35टालें
शुभ00:35 – 02:20शुभ
अमृत02:20 – 04:04शुभ
चर04:04 – 05:49सामान्य
रोग05:49 – 07:33टालें

5 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 12:31 तक
कृष्ण षष्ठी 10:13, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
आयुष्मान 09:31 तक
सौभाग्य 06:25, 6 जन॰ तक
शोभन 03:22, 7 जन॰ तक
करण
तैतिल 12:31 तक
गर 23:22 तक
वणिज 10:13, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 03:42, 6 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:33
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
22:52
चंद्रास्त
10:28
दिनमान
10h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:38
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
11:20 – 12:35
यमगंड
15:06 – 16:22
गुलिक काल
08:49 – 10:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:3308:24दिन
बुध08:2409:14दिन
चंद्र09:1410:04दिन
शनि10:0410:55दिन
गुरु10:5511:45दिन
मंगल11:4512:35दिन
सूर्य12:3513:26दिन
शुक्र13:2614:16दिन
बुध14:1615:06दिन
चंद्र15:0615:57दिन
शनि15:5716:47दिन
गुरु16:4717:37दिन
मंगल17:3718:47रात
सूर्य18:4719:57रात
शुक्र19:5721:06रात
बुध21:0622:16रात
चंद्र22:1623:26रात
शनि23:2600:35रात
गुरु00:3501:45रात
मंगल01:4502:55रात
सूर्य02:5504:04रात
शुक्र04:0405:14रात
बुध05:1406:24रात
चंद्र06:2407:33रात

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।