6 जनवरी 2027 को कोहिमा का चौघड़िया

बुधवार, 6 जनवरी 2027, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 6 जनवरी 2027 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (23:14 तक), नक्षत्र मूल (06:08, 7 जन॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 16:37 पर है। राहुकाल 11:19 से 12:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 16:37
रात 06:01 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:14 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:01 – 07:20शुभ
अमृत07:20 – 08:40शुभ
काल08:40 – 09:59टालें
शुभ09:59 – 11:19शुभ
रोग11:19 – 12:38टालें
उद्वेग12:38 – 13:58टालें
चर13:58 – 15:17सामान्य
लाभ15:17 – 16:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:37 – 18:17टालें
शुभ18:17 – 19:58शुभ
अमृत19:58 – 21:38शुभ
चर21:38 – 23:19सामान्य
रोग23:19 – 00:59टालें
काल00:59 – 02:40टालें
लाभ02:40 – 04:20शुभ
उद्वेग04:20 – 06:01टालें

6 जनवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 23:14 तक
अमावस्या 01:54, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 06:08, 7 जन॰ तक
योग
वृद्धि 13:32 तक
ध्रुव 14:26, 7 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:56 तक
शकुनि 23:14 तक
चतुष्पद 12:34, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
16:37
चंद्रोदय
04:48
चंद्रास्त
15:13
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:40 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:19 – 12:38
यमगंड
07:20 – 08:40
गुलिक काल
09:59 – 11:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0106:54दिन
चंद्र06:5407:47दिन
शनि07:4708:40दिन
गुरु08:4009:33दिन
मंगल09:3310:26दिन
सूर्य10:2611:19दिन
शुक्र11:1912:12दिन
बुध12:1213:05दिन
चंद्र13:0513:58दिन
शनि13:5814:51दिन
गुरु14:5115:44दिन
मंगल15:4416:37दिन
सूर्य16:3717:44रात
शुक्र17:4418:51रात
बुध18:5119:58रात
चंद्र19:5821:05रात
शनि21:0522:12रात
गुरु22:1223:19रात
मंगल23:1900:26रात
सूर्य00:2601:33रात
शुक्र01:3302:40रात
बुध02:4003:47रात
चंद्र03:4704:54रात
शनि04:5406:01रात

अयनांश 24.2344° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।