22 मार्च 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शनिवार, 22 मार्च 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 22 मार्च 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (05:23, 23 मार्च तक), नक्षत्र मूल (03:23, 23 मार्च तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 09:37 से 11:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:44
रात 06:34 तक
तिथि
अष्टमी, 05:23 तक
नवमी
नक्षत्र
मूल, 03:23 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:35 – 08:06टालें
शुभ08:06 – 09:37शुभ
रोग09:37 – 11:08टालें
उद्वेग11:08 – 12:40टालें
चर12:40 – 14:11सामान्य
लाभ14:11 – 15:42शुभ
अमृत15:42 – 17:13शुभ
काल17:13 – 18:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:44 – 20:13शुभ
उद्वेग20:13 – 21:41टालें
शुभ21:41 – 23:10शुभ
अमृत23:10 – 00:39शुभ
चर00:39 – 02:08सामान्य
रोग02:08 – 03:37टालें
काल03:37 – 05:06टालें
लाभ05:06 – 06:34शुभ

22 मार्च 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 05:23, 23 मार्च तक
कृष्ण नवमी 05:38, 24 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 03:23, 23 मार्च तक
पूर्वाषाढ़ा 04:18, 24 मार्च तक
योग
व्यतीपातअशुभ 18:36 तक
वरीयान 17:58, 23 मार्च तक
करण
बालव 16:59 तक
कौलव 05:23, 23 मार्च तक
तैतिल 17:37, 23 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
00:44
चंद्रास्त
11:52
दिनमान
12h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:04

अशुभ समय

राहुकाल
09:37 – 11:08
यमगंड
14:11 – 15:42
गुलिक काल
06:35 – 08:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3507:36दिन
गुरु07:3608:37दिन
मंगल08:3709:37दिन
सूर्य09:3710:38दिन
शुक्र10:3811:39दिन
बुध11:3912:40दिन
चंद्र12:4013:40दिन
शनि13:4014:41दिन
गुरु14:4115:42दिन
मंगल15:4216:42दिन
सूर्य16:4217:43दिन
शुक्र17:4318:44दिन
बुध18:4419:43रात
चंद्र19:4320:42रात
शनि20:4221:41रात
गुरु21:4122:41रात
मंगल22:4123:40रात
सूर्य23:4000:39रात
शुक्र00:3901:38रात
बुध01:3802:38रात
चंद्र02:3803:37रात
शनि03:3704:36रात
गुरु04:3605:35रात
मंगल05:3506:34रात

अयनांश 24.2094° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।