8 सितंबर 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

सोमवार, 8 सितंबर 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 सितंबर 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (21:12 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (20:02 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 07:53 से 09:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 18:40
रात 06:20 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:12 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 20:02 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:20 – 07:53शुभ
काल07:53 – 09:25टालें
शुभ09:25 – 10:58शुभ
रोग10:58 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 14:03टालें
चर14:03 – 15:35सामान्य
लाभ15:35 – 17:08शुभ
अमृत17:08 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:40 – 20:08सामान्य
रोग20:08 – 21:35टालें
काल21:35 – 23:03टालें
लाभ23:03 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 01:58टालें
शुभ01:58 – 03:25शुभ
अमृत03:25 – 04:53शुभ
चर04:53 – 06:20सामान्य

8 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 21:12 तक
कृष्ण द्वितीया 18:29, 9 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 18:07, 9 सित॰ तक
योग
धृति 06:30 तक
शूलअशुभ 03:20, 9 सित॰ तक
गंडअशुभ 23:58, 9 सित॰ तक
करण
बालव 10:28 तक
कौलव 21:12 तक
तैतिल 07:52, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 14:29 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
19:10
चंद्रास्त
06:39
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
07:53 – 09:25
यमगंड
10:58 – 12:30
गुलिक काल
14:03 – 15:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2007:22दिन
शनि07:2208:23दिन
गुरु08:2309:25दिन
मंगल09:2510:27दिन
सूर्य10:2711:28दिन
शुक्र11:2812:30दिन
बुध12:3013:32दिन
चंद्र13:3214:33दिन
शनि14:3315:35दिन
गुरु15:3516:37दिन
मंगल16:3717:39दिन
सूर्य17:3918:40दिन
शुक्र18:4019:39रात
बुध19:3920:37रात
चंद्र20:3721:35रात
शनि21:3522:34रात
गुरु22:3423:32रात
मंगल23:3200:30रात
सूर्य00:3001:29रात
शुक्र01:2902:27रात
बुध02:2703:25रात
चंद्र03:2504:23रात
शनि04:2305:22रात
गुरु05:2206:20रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।