16 सितंबर 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

मंगलवार, 16 सितंबर 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 सितंबर 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (00:22, 17 सित॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (06:46 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 15:30 से 17:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:34
रात 06:21 तक
तिथि
दशमी, 00:22 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:21 – 07:53टालें
उद्वेग07:53 – 09:24टालें
चर09:24 – 10:56सामान्य
लाभ10:56 – 12:27शुभ
अमृत12:27 – 13:59शुभ
काल13:59 – 15:30टालें
शुभ15:30 – 17:02शुभ
रोग17:02 – 18:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:34 – 20:02टालें
लाभ20:02 – 21:31शुभ
उद्वेग21:31 – 22:59टालें
शुभ22:59 – 00:27शुभ
अमृत00:27 – 01:56शुभ
चर01:56 – 03:24सामान्य
रोग03:24 – 04:53टालें
काल04:53 – 06:21टालें

16 सितंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण दशमी 00:22, 17 सित॰ तक
कृष्ण एकादशी 23:40, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 06:26, 17 सित॰ तक
योग
वरीयान 00:34, 17 सित॰ तक
परिघअशुभ 22:55, 17 सित॰ तक
करण
वणिज 12:53 तक
विष्टि (भद्रा) 00:22, 17 सित॰ तक
बव 11:57, 17 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 00:28, 17 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
01:06
चंद्रास्त
14:48
दिनमान
12h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
15:30 – 17:02
यमगंड
09:24 – 10:56
गुलिक काल
12:27 – 13:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2107:22दिन
सूर्य07:2208:23दिन
शुक्र08:2309:24दिन
बुध09:2410:25दिन
चंद्र10:2511:26दिन
शनि11:2612:27दिन
गुरु12:2713:28दिन
मंगल13:2814:29दिन
सूर्य14:2915:30दिन
शुक्र15:3016:32दिन
बुध16:3217:33दिन
चंद्र17:3318:34दिन
शनि18:3419:33रात
गुरु19:3320:32रात
मंगल20:3221:31रात
सूर्य21:3122:29रात
शुक्र22:2923:28रात
बुध23:2800:27रात
चंद्र00:2701:26रात
शनि01:2602:25रात
गुरु02:2503:24रात
मंगल03:2404:23रात
सूर्य04:2305:22रात
शुक्र05:2206:21रात

अयनांश 24.2162° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।