9 नवंबर 2025 को कोल्हापुर का चौघड़िया

रविवार, 9 नवंबर 2025, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 9 नवंबर 2025 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (01:55, 10 नव॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (20:04 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 16:33 से 17:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 17:59
रात 06:34 तक
तिथि
पंचमी, 01:55 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आर्द्रा, 20:04 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:34 – 07:59टालें
चर07:59 – 09:25सामान्य
लाभ09:25 – 10:51शुभ
अमृत10:51 – 12:16शुभ
काल12:16 – 13:42टालें
शुभ13:42 – 15:08शुभ
रोग15:08 – 16:33टालें
उद्वेग16:33 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:59 – 19:33शुभ
अमृत19:33 – 21:08शुभ
चर21:08 – 22:42सामान्य
रोग22:42 – 00:17टालें
काल00:17 – 01:51टालें
लाभ01:51 – 03:25शुभ
उद्वेग03:25 – 05:00टालें
शुभ05:00 – 06:34शुभ

9 नवंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 01:55, 10 नव॰ तक
कृष्ण षष्ठी 00:08, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 18:48, 10 नव॰ तक
योग
सिद्ध 15:02 तक
साध्य 12:05, 10 नव॰ तक
करण
कौलव 15:05 तक
तैतिल 01:55, 10 नव॰ तक
गर 12:56, 10 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
21:50
चंद्रास्त
10:32
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
16:33 – 17:59
यमगंड
12:16 – 13:42
गुलिक काल
15:08 – 16:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3407:31दिन
शुक्र07:3108:28दिन
बुध08:2809:25दिन
चंद्र09:2510:22दिन
शनि10:2211:19दिन
गुरु11:1912:16दिन
मंगल12:1613:13दिन
सूर्य13:1314:11दिन
शुक्र14:1115:08दिन
बुध15:0816:05दिन
चंद्र16:0517:02दिन
शनि17:0217:59दिन
गुरु17:5919:02रात
मंगल19:0220:05रात
सूर्य20:0521:08रात
शुक्र21:0822:11रात
बुध22:1123:14रात
चंद्र23:1400:17रात
शनि00:1701:19रात
गुरु01:1902:22रात
मंगल02:2203:25रात
सूर्य03:2504:28रात
शुक्र04:2805:31रात
बुध05:3106:34रात

अयनांश 24.2182° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।