27 नवंबर 2026 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 27 नवंबर 2026, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 27 नवंबर 2026 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (09:49 तक), नक्षत्र आर्द्रा (15:08 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 10:56 से 12:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 17:57
रात 06:43 तक
तिथि
तृतीया, 09:49 तक
चतुर्थी, 06:40 तक
नक्षत्र
आर्द्रा, 15:08 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:43 – 08:07सामान्य
लाभ08:07 – 09:31शुभ
अमृत09:31 – 10:56शुभ
काल10:56 – 12:20टालें
शुभ12:20 – 13:44शुभ
रोग13:44 – 15:09टालें
उद्वेग15:09 – 16:33टालें
चर16:33 – 17:57सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:57 – 19:33टालें
काल19:33 – 21:09टालें
लाभ21:09 – 22:45शुभ
उद्वेग22:45 – 00:20टालें
शुभ00:20 – 01:56शुभ
अमृत01:56 – 03:32शुभ
चर03:32 – 05:08सामान्य
रोग05:08 – 06:43टालें

27 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 09:49 तक
कृष्ण चतुर्थी 06:40, 28 नव॰ तक
कृष्ण पंचमी 03:57, 29 नव॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 12:50, 28 नव॰ तक
योग
शुभ 23:51 तक
शुक्ल 20:18, 28 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:49 तक
बव 20:11 तक
बालव 06:40, 28 नव॰ तक
कौलव 17:15, 28 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
20:54
चंद्रास्त
09:30
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
10:56 – 12:20
यमगंड
15:09 – 16:33
गुलिक काल
08:07 – 09:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4307:39दिन
बुध07:3908:35दिन
चंद्र08:3509:31दिन
शनि09:3110:28दिन
गुरु10:2811:24दिन
मंगल11:2412:20दिन
सूर्य12:2013:16दिन
शुक्र13:1614:12दिन
बुध14:1215:09दिन
चंद्र15:0916:05दिन
शनि16:0517:01दिन
गुरु17:0117:57दिन
मंगल17:5719:01रात
सूर्य19:0120:05रात
शुक्र20:0521:09रात
बुध21:0922:13रात
चंद्र22:1323:16रात
शनि23:1600:20रात
गुरु00:2001:24रात
मंगल01:2402:28रात
सूर्य02:2803:32रात
शुक्र03:3204:36रात
बुध04:3605:40रात
चंद्र05:4006:43रात

अयनांश 24.2329° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।