12 फ़रवरी 2028 को कोल्हापुर का चौघड़िया

शनिवार, 12 फ़रवरी 2028, कोल्हापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 12 फ़रवरी 2028 को कोल्हापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (13:04 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (19:09 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 09:54 से 11:20 तक है।

दिन और रात
दिन 07:00 – 18:34
रात 07:00 तक
तिथि
द्वितीया, 13:04 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 19:09 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:00 – 08:27टालें
शुभ08:27 – 09:54शुभ
रोग09:54 – 11:20टालें
उद्वेग11:20 – 12:47टालें
चर12:47 – 14:14सामान्य
लाभ14:14 – 15:40शुभ
अमृत15:40 – 17:07शुभ
काल17:07 – 18:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:34 – 20:07शुभ
उद्वेग20:07 – 21:40टालें
शुभ21:40 – 23:13शुभ
अमृत23:13 – 00:47शुभ
चर00:47 – 02:20सामान्य
रोग02:20 – 03:53टालें
काल03:53 – 05:26टालें
लाभ05:26 – 07:00शुभ

12 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 13:04 तक
कृष्ण तृतीया 09:40, 13 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 16:36, 13 फ़र॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 10:33 तक
सुकर्मा 06:29, 13 फ़र॰ तक
धृति 02:47, 14 फ़र॰ तक
करण
गर 13:04 तक
वणिज 23:19 तक
विष्टि (भद्रा) 09:40, 13 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 00:28, 13 फ़र॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
20:28
चंद्रास्त
08:04
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:10

अशुभ समय

राहुकाल
09:54 – 11:20
यमगंड
14:14 – 15:40
गुलिक काल
07:00 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0007:58दिन
गुरु07:5808:56दिन
मंगल08:5609:54दिन
सूर्य09:5410:51दिन
शुक्र10:5111:49दिन
बुध11:4912:47दिन
चंद्र12:4713:45दिन
शनि13:4514:42दिन
गुरु14:4215:40दिन
मंगल15:4016:38दिन
सूर्य16:3817:36दिन
शुक्र17:3618:34दिन
बुध18:3419:36रात
चंद्र19:3620:38रात
शनि20:3821:40रात
गुरु21:4022:42रात
मंगल22:4223:44रात
सूर्य23:4400:47रात
शुक्र00:4701:49रात
बुध01:4902:51रात
चंद्र02:5103:53रात
शनि03:5304:55रात
गुरु04:5505:58रात
मंगल05:5807:00रात

अयनांश 24.2498° (लाहिड़ी)। समय कोल्हापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।